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जानें आप के दिमाग के लिए कितना खतरनाक है टीवी देखना

Updated: IST Watching tv
दिन में पंद्रह मिनट या उससे ज्यादा देर तक टेलीविजन पर अपना पसंदीदा कार्टून देखने वाले बच्चों में रचनात्मकता खत्म होने का खतरा बढ़ जाता है

लंदन। एक अधय्यन में सामने आया है कि जो बच्चे टीवी ज्यादा देखते हैं उनकी रचनात्मकता खत्म हो सकती है। इस शोध में सामने आया है कि किताबें पढऩे या पहेली हल करने वाले बच्चों की तुलना में, दिन में पंद्रह मिनट या उससे ज्यादा देर तक टेलीविजन पर अपना पसंदीदा कार्टून देखने वाले बच्चों में रचनात्मकता खत्म होने का खतरा बढ़ जाता है।

ब्रिटेन के स्टेफोर्डशायर विश्वविद्यालय में प्रवक्ता सराह रोज ने कहा कि साफतौर पर इसके सबूत मिले हैं कि टेलीविजन देखने के तुरंत बाद बच्चों में मूल विचारों की कमी हो जाती है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि ये प्रभाव थोड़े समय बाद गायब हो गए। रोज ने बताया कि यदि बच्चे अपने खेल में कम रचनात्मक हैं तो आगे चलकर इसका उनके विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

सराह ने कहा कि ये धारणा पाई जाती है कि धीमी गति वाले कार्यक्रम ज्यादा शिक्षा देने वाले होते हैं लेकिन हमारे नतीजे इसका समर्थन नहीं करते। अध्ययन में शोध दल ने तीन साल के बच्चों की रचनात्मकता पर टेलीविजन के तत्काल असर को देखा। इसमें पोस्टमैन पैट सीरियल देखने वाले बच्चों की तुलना किताब पढऩे और पहेली हल करने वाले बच्चों से की गई। बच्चों के ज्यादा रचनात्मक विचारों का परीक्षण किया गया।

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