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बर्थडे स्पेशल: "मिस्टर इंडिया" बन अनिल ने जीता दिल

Updated: IST
"तेजाब", "मिस्टर इंडिया" की सफलता के बाद अनिल की तुलना अमिताभ बच्चन से होने लगी

हिंदी फिल्म जगत में अनिल कपूर का नाम उन गिने-चुने अभिनेताओं में शुमार किया जाता है जिन्होंने लगभग तीन दशक से अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिल में आज भी एक खास मुकाम बना रखा है। 24 दिसंबर 1959 को मुंबई के चेंबूर इलाके की छोटी सी बस्ती में जन्में अनिल कपूर के पिता सुरेन्द्र कपूर फिल्म निर्माता थे। अनिल भी एक्टर बनना चाहते थे। उन्होंने अपने सिने करियर की शुरूआत वर्ष 1979 में प्रदर्शित फिल्म "हमारे तुम्हारे" से की, लेकिन फिल्म बुरी तरह से नकार दी गई। वर्ष 1983 में अनिल को अपने पिता के बैनर तले बनी फिल्म "वो सात दिन" में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उनके सामने कला फिल्मों के महारथी नसीरूद्दीन शाह थे लेकि न अनिल अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे।

वर्ष 1985 में अनिल यश चोपड़ा की फिल्म "मशाल" में काम किया। यूं तो पूरी फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार के इर्द-गिर्द घूमती थी, लेकिन अनिल ने फिल्म में अपनी छोटी सी भूमिका से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके लिए उन्हें सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर अवार्ड मिला। वर्ष 1987 में प्रदर्शित फिल्म "मिस्टर इंडिया" उनके सिने करियर की सबसे कामयाब फिल्म साबित हुई। बाद में उनके करियर की एक और अहम फिल्म "तेजाब" आई। "तेजाब" और "मिस्टर इंडिया" जैसी फिल्मों की सफलता के बाद अनिल की तुलना अमिताभ बच्चन से होने लगी। फिल्म "बेटा" और "नायर" भी अनिल के करियर की अहम फिल्मों में शुमार है। वर्ष 2002 में प्रदर्शित फिल्म "बधाई हो बधाई" के जरिए अनिल ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और इस फिल्म में अभिनय भी किया लेकिन दुर्भाग्य से फिल्म को टिकट खिड़की पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने "माई वाइफ मर्डर", "गांधी माय फादर" जैसी फिल्मों का भी निर्माण किया, लेकिन इस बार भी ये फिल्में टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई।

वर्ष 2009 में प्रदर्शित फिल्म "स्लम डॉग मिलेनियर" अनिल अभिनीत महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म के जरिए उन्होंने अपनी अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाई। अनिल की जोड़ी माधुरी दीक्षित और श्रीदेवी के साथ काफी पसंद की गई। उन्होंने "तेजाब", "राम लखन", "किशन कन्हैया", "मिस्टर इंडिया", "रूप की रानी चोरों का राजा" जैसी फिल्मों में इनके साथ काम किया। अनिल कपूर को अब तक चार बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इन सबके साथ ही वर्ष 2000 में उन्हें फिल्म "पुकार" के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। अनिल तीन दशक लंबे सिने करियर में लगभग 125 फिल्मों में काम कर चुके हैं। वर्ष 2013 में उन्होंने सीरियल "24" के जरिए छोटे पर्दे का रूख किया। अनिल की आने वाली फिल्मों में "वेलकम बैक" और "नो एंट्री में एंट्री" प्रमुख है।

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