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आतंकवादी हमले से बचकर लौटे अमरनाथ यात्री

Updated: IST Amarnath yatra returned from terrorist attack
18 साल में पहली बार भक्तों ने नहीं किए दर्शन आतंकवादी हमले के बाद भी है हौंसले बुलंद

बुरहानपुर. अमरनाथ यात्रा पर गए 130 भक्तों का जत्था आतंकवादी हमले से बचते हुए सुरक्षित बुरहानपुर लौटे हैं। सोमवार सुबह 6 बजे सचखंड एक्सप्रेस स्टेशन पर उतरा। इनके आने से परिवार में खुशी का माहौल है।लेकिन 18 साल की लगातार यात्रा में यह पहला मौका है जब भक्त हिमाचल प्रदेश में चार देवियों के दर्शन के बिना लौट रहे हैं।

4 जुलाई को शहर से 130 भक्तों का जत्था अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुआ था लेकिन आठ दिन बाद ही कश्मीर में आतंकवादी हमले की खबर सुनकर इनके परिवार में चिंता छा गई। यहां तक अमरनाथ सेवा समिति के अध्यक्ष जयंत मुंशी और अन्य सदस्यों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस से बातचीत कर भक्तों के बारे में बताया तो मंत्री ने गृह मंत्री राजनाथसिंह से फोन पर चर्चाकर बुरहानपुर के भक्तों की बात बताई थी। दिल्ली से सभी भक्तों के सुरक्षित होने की खबर पर परिवारजनों ने राहत की सांस ली थी।

पांच दिन आश्रम में बीते-

जयंत मुंशी ने बताया कि आतंकवादी हमले के कारण पांच दिन भक्तों के व्यर्थचले गए। अमरनाथ दर्शन को जाते समय चार दिन अनंतनाग में बिताना पड़े। जबकि जाते समय एक दिन आश्रम में रुकना पड़ा। इस चक्कर में हिमाचल प्रदेश में चार देवियों के दर्शन नहीं कर सके। यहां पर पांगड़ाजी, ग्वालाजी, नैनाजी, चिंतपुर्णी माता के दर्शन किए जाते हैं। मुंशी ने बताया कि 18 साल से अमरनाथ सेवा समिति की ओर से यात्रा जा रही हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब देवियों के दर्शन करने को नहीं मिले। सभी 130 भक्त समिति के चेतन शाह, लोकेंद्र शाह, तरुण शाह, रंजीत डोह, दशरथ शाह के मार्गदर्शन में वापस लौट रहे हैं।

इनका किया स्वागत

इधर अमरनाथ यात्रा से लौटे महाजनापेठ निवासी गोविंद पूनीवाला जब घर पहुंचे तो परिवार में खुशी छा गई। गांविंद पूनीवाला ने बताया कि 5 जुलाई को वे अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए थे। आतंकवादी हमले के कारण एक दिन बालटाल श्रीनगर और एक दिन अनंतनाग में रुकना पड़ा। लेकिन आर्मी की पूरी सुरक्षा होने के कारण हम बचे रहे।

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