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कुछ यूं आत्मनिर्भर बनीं चाईबासा की ये दो महिलाएं

Updated: IST kukun news, womens news, self dependent, chaibasa
चाईबासा की दो महिलाओं ने आज ना केवल स्वंय आत्मनिर्भर बनकर बल्कि दूसरों को भी आत्मनिर्भर बनाकर एक मिशाल कायम कर दी है...

चाईबासा। चाईबासा की दो महिलाओं ने आज ना केवल स्वंय आत्मनिर्भर बनकर बल्कि दूसरों को भी आत्मनिर्भर बनाकर एक मिशाल कायम कर दी है। यह दोनों महिलाएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। इन दोनों महिलाओं का नाम पानमति पान तथा सपनी कुदादा है जो कायाकल्प तसर के कारण आत्मनिर्भर बनी है।

सदर प्रखंड की बादुड़ी पंचायत की पानमति तथा सपनी को आगे बढ़ाने में सहायक बना अग्र परियोजना केन्द्र चाईबासा। इस केन्द्र से उन्होंने कुकून से धागा तैयार करने का प्रशिक्षण लिया। दो वर्ष तसर के कुकून से धागा तैयार करने की प्रक्रिया सीखने के बाद दोनों ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज स्थिति यह है कि वह न केवल तसर से धागा तैयार कर कच्चा माल बैंक या तसर सिल्क से कपड़ा तैयार करने वालों को अपना माल अच्छी कीमत पर बेच रही हैं, बल्कि अन्य युवतियों को भी तसर कुकून धागा तैयार करना सीखा रही हैं।

पानमति और सपनी का कहना है कि कोल्हान तसर का प्रमुख क्षेत्र है। बिचौलियों के कारण ग्रामीणों को तसर का सही मूल्य नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि कच्चा माल बैंक ही ऐसी जगह है, जहां ग्रामीणों को तसर का उचित मूल्य मिल जाता है। सपनी कुदादा ने भी अग्र परियोजना केन्द्र से प्रशिक्षण लिया और पानमति के साथ मिलकर दोनों तसर धागा उत्पादन कर सफलता के डगर पर आगे बढ़ रही हैं।

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