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बहुत आते हैं तुम्हारे जैसे एक्स मिनिस्टर, इसे घर ले जाओ

Updated: IST doctor misbehave EX minister satya narayan lathar
बाद में हो गई मौत, बीमार पौत्र को लेकर पहुंचे थे पीजीआई, महिला डॉक्टर ने कहा हमारे पास तुम जैसे एक्स मिनिस्टर बहुत आते हैं

जींद। डॉक्टर साहिबा,माई सेल्फ इज एक्स मिनिस्टर...हरियाणा सरकार,मेरा पौत्र बहुत बीमार है,कृपया इसे इलाज के लिए दाखिल कर लें। हविपा-भाजपा गठबंधन सरकार में जनस्वास्थय एवं आवास मंत्री रहे सत्यनारायण लाठर ने रोहतक पीजीआई के आपातकालीन वार्ड में तैनात एक महिला डॉक्टर से अपना परिचय देकर इस लिए प्रार्थना की थी कि शायद एक्स मिनिस्टर के ओहदे का मान-सम्मान करते हुए उनकी बात पर गौर होगी और बुखार में अचेत पड़े उसके 13 वर्षिय पौत्र रोहित को दाखिल कर लिया जाएगा। लेकिन महिला डॉक्टर ने जो जवाब दिया,उसे सुनकर स्वंय पूर्व मंत्री लाठर भी हतप्रभ रहे गये।

लाठर के अनुसार महिला चिकित्सक ने गैर जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा कि हमारे पास तुम जैसे एक्स मिनिस्टर बहुत आते हैं, बच्चे को दवाई दे दी गई है, अपने आप ठीक हो जाएगा,अब इसे घर ले जाओ। दरअसल पूर्व मंत्री सत्यनारायण लाठर पिछले सप्ताह बुखार से पीडि़त अपने पौत्र रोहित को पीजीआईएमएस रोहतक में इलाज के लिए लेकर गये थे। लेकिन पीजीआई के चिकित्सकों ने एक इंजेक्शन लगाकर और कुछ दवाएं लिखकर खाना पूर्ति कर ली,प्रार्थना करने पर भी बुखार से पीडि़त बच्चे को पीजीआई में दाखिल नहीं किया गया,जिसके चलते उन्हें वापस घर लौटना पड़ा।

अगले दिन भी बच्चे की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ तो वे उसे रोहतक में ही एक नीजि अस्पताल में ले गये,जहां दो दिन बाद इलाज के दौरान रोहित ने दम तोड़ दिया। पूर्व मंत्री सत्यनारायण लाठर मंगलवार को जुलाना कस्बे में स्थित उनके आवास पर शोक व्यक्त करने पहुंचे लोगों के समक्ष यह अपबीती दास्तां सुना रहे थे। पीजीआई की महिला चिकित्सक के इस नकारात्मक रवैये से ख$फा पूर्व मंत्री सत्यनारायण लाठर कहते हैं कि वे प्रदेश के जनप्रतिनिधि रहे हैं,जब उनके साथ ही पीजीआई में ऐसे व्यवहार किया गया,तो जनसाधारण के साथ कैसा व्यवहार होता होगा,इसका अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है।

स्वास्थ मंत्री विज ने दिया जांच का आश्वासन

पूर्व मंत्री सत्यनारायण लाठर ने बताया कि पौत्र की मौत के बाद उनकी हरियाणा के स्वास्थय मंत्री अनिल विज से फोन पर बात हुई है। स्वास्थ्य मंत्री को पूरा दास्तां बताई है कि पीजीआई चिकित्सक की लापरवाही के चलते उनके पौत्र की जान चली गई,भविष्य में ऐसा किसी के साथ न होने पाये। ऐसे में कम से कम सरकारी अस्पतालों,मेडिकलों और खासकर पीजीआई में तो लोगों के साथ संतुष्टीपूर्ण व्यवहार किया जाए। लाठर ने बताया कि स्वास्थय मंत्री ने इस मामले की जांच और भविष्य में चिकित्सकों के व्यवहार में सुधार करवाने का आश्वासन दिया है।

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