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दो ब्रिज बने फिर भी यातायात जाम!

Updated: IST chennai
बेसिन ब्रिज इलाका वार्ड संख्या 53 में आता है। बेसिन ब्रिज से करीब 100 मीटर की दूरी पर ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन

चेन्नई।बेसिन ब्रिज इलाका वार्ड संख्या 53 में आता है। बेसिन ब्रिज से करीब 100 मीटर की दूरी पर ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन कार्यालय स्थित है। इस वार्ड की अधिकांश स्ट्रीट्स अतिक्रमण का शिकार है। इस वार्ड में बकिंघम नाले के किनारे झोपरपट्टी इलाका है जिसमें करीब सौ झोपडिय़ां हैं। इस इलाके की अगर प्रमुख समस्या है तो वह है अतिक्रमण एवं यातायात जाम। इसके कारण अनेक सड़कें सिकुड़ गई हैं। मुलकोत्रम से आईओसीएल जाने वाला प्रमुख मार्ग भी अतिक्रमण की वजह से सिकुड़ गया है।

हालांकि प्रशासन द्वारा अब कई बार अतिक्रमण हटाया गया लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। इधर से अतिक्रमण हटाया अगले दो-चार दिन बाद फिर वहीं हालत। लोग फिर अपना जमावड़ा जमा लेते हैं।

वैसे मिंट बस टर्मिनस के आसपास के इलाके जिसमें कुछ बहुमंजिला इमारतें नजर आती हैं, को छोड़ दिया जाए तो शेष 60 प्रतिशत इलाके में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोग ही इस इलाके में निवास करते हैं। झोपड़पट्टियां एवं पिछड़े वर्ग के लोगों के निवास के कारण इस वार्ड में रीयल एस्टेट व्यवसायियों ने भी यहां निवेश में दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

इस इलाके की सबसे बड़ी परेशानी थी यातायात जाम की जो व्यासरपाडी फ्लाईओवर और मिंट ब्रिज चालू होने के वाबजूद भी खत्म नहीं हुई।

यहां अब भी लम्बा जाम लगता है। पहले लोगों का मानना था कि मिंट ब्रिज चालू होते ही जाम की समस्या खत्म हो जाएगी लेकिन ब्रिज चालू होने के बाद भी जाम की समस्या जारी है। व्यासरपाडी ब्रिज से मिंट फ्लाईओवर तक जाम लगना आम है। जाम का कारण व्यासरपाडी से ओल्ड जेल रोड तक सड़क की चौड़ाई कम होना और वाहनों का आवागमन अधिक होना है।

इनका कहना है...

श्मशान में भी अतिक्रमण

वार्ड संख्या 53 के अंतर्गत स्थित मुलकोत्रम श्मशान घाट राष्ट्रीय स्तर का है जिसका प्रसार पहले 26 एकड़ में था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लोगों ने इसमें भी अधिक्रमण कर लिया जिससे यह अब महज 7 एकड़ जमीन में ही सिकुड़ कर रह गया है और दिनोदिन सिकुड़ता ही जा रहा है, चेन्नई कॉर्पोर्रेशन इसके प्रति पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।

एस.सौंदरराजन, पीएमके कार्यकर्ता

आवागमन की समस्या

इस वार्ड में 7 रूट की बसें संचालित होती हैं जो कि इलाके के हिसाब से बहुत कम हैं। एमटीसी बस सर्विस बेहतर नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन की परेशानी भोगनी पड़ती है। मिनी बसों की सेवा भी नहीं है। यदि अंदरूनी हिस्सों में मिनी बसों का संचालन शुरू हो जाए तो लोगों को आवागमन में परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा।

संतोष सिंह, ओल्ड जेल रोड

शीघ्र खत्म होगी जाम समस्या

गत पांच साल में वार्ड में बहुत से विकास कार्य हुए हैं, दो दर्जन से भी अधिक सड़कें बनाई गई हैं। पार्क भी बने हैं, ट्रेफिक जाम कि समस्या भी साल के अंत तक खत्म हो जाएगी। इसके लिए बेसिन ब्रिज से व्यासरपाडी के बीच सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की योजना है।

एन.वी रवि, काउंसलर, वार्ड-53

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