Patrika Hindi News

पलनीस्वामी बने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री

Updated: IST chennai
तमिलनाडु में सत्ता का दस दिन पुराना संघर्ष एडापाडी के. पलनीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के साथ तात्कालिक तौर पर

चेन्नई।तमिलनाडु में सत्ता का दस दिन पुराना संघर्ष एडापाडी के. पलनीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के साथ तात्कालिक तौर पर समाप्त हुआ। राज्यपाल सीएच विद्यासागर राव ने उनको पद व गोपनीयता की शपथ दिलाने के साथ ही 15 दिन के भीतर विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा है। पलनीस्वामी ने 124 विधायकों का समर्थन होने की सूची सौंपी थी जिसकी बदौलत राज्यपाल ने उनको सरकार बनाने के लिए गुरुवार सुबह आमंत्रित किया और शाम को शपथ दिला दी।

राज्यपाल के आमंत्रण पर एआईएडीएमके विधायक दल के नेता एडापाडी के.पलनीस्वामी ने गुरुवार को करीब 4.30 बजे राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में ग्रहण की। वे राज्य के तेरहवें मुख्यमंत्री बने। उनके साथ चार बैच में 30 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी शपथली।

राजभवन में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने उनको पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राजभवन के दरबार हॉल में इस दौरान अम्मा और चिन्नम्मा जिन्दाबाद के नारे भी लगे। पार्टी के पदेन अध्यक्ष के. ए. सेंगोट्टयन मंत्रिमंडल के नए चेहरे हैं। उन्हें पन्नीरसेल्वम कैबिनेट के स्कूल शिक्षा मंत्री रहे के.पांडियराजन के स्थान पर मंत्री बनाया गया है। पांडियराजन ने शशिकला से बगावत की थी।

राज्य में नई सरकार के गठन के साथही पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम के आवास से सुरक्षा हटा ली गई है। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री सीधे एमजीआर-अम्मा समाधि पर गए और पुष्पांजलि अर्पित की। वहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पलनीस्वामी ने कहा कि राज्य में अम्मा का शासन जारी रहेगा। हम विधानसभा में बहुमत साबित कर देंगे।

गौरतलब हैकि पार्टी महासचिव वीके शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में उच्चतम न्यायालय की ओर से 14 फरवरी को दोषी करार दिए जाने के बाद से पलनीस्वामी ने दो दिन में राज्यपाल से तीसरी मुलाकात कर सरकार गठन की प्रक्रिया को पूरा किया।

जश्न में डूबा शशिकला खेमा

जैसे ही पलनीस्वामी के नए मुख्यमंत्री बनने की खबर आई, शशिकला के समर्थकों ने उसका स्वागत किया और राज्यपाल के फैसले की सराहना की। पिछले एक सप्ताह से चेन्नई से 8 0 किलोमीटर दूर स्थित कुवतूर रिसॉर्ट में रह रहे विधायकों ने मुस्कुराते हुए 'चिन्नम्माÓ (शशिकला) के नाम के नारे लगाए। ये वही विधायक हैं, जिनकी कुशलक्षेम पुलिस पूछ रही थी। शशिकला के समर्थक सांसदों ने कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन हो गया है और राज्य सरकार बनी रहेगी। हालांकि राज्यपाल ने पिछले दो दिन में पनीरसेल्वम और पलनीसामी के नेतृत्व वाले दोनों ही प्रतिद्वंद्वी धड़ों के साथ बैठकें की थी।

विधानसभा का विशेष सत्र 18 को

इस बीच विधानसभा का विशेष सत्र 18 फरवरी को बुलाया गया है। उसी दिन शक्ति परीक्षण होने की संभावना है। बहरहाल, पलनीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही पार्टी के दो खेमों में चल रहा गतिरोध लगभग समाप्त हो गया। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम का कहना है कि यह धर्म युद्ध है और अंत में धर्म की ही जीत होगी।

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ?भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???