Patrika Hindi News

त्याग से खुलता है मुक्ति का द्वार

Updated: IST chennai
ओल्ड वाशरमैनपेट जैन स्थानक में विराजित साध्वी दिव्यज्योति ने कहा इस संसार में विदा होने वाले दो प्रकार के हैं।

चेन्नई।ओल्ड वाशरमैनपेट जैन स्थानक में विराजित साध्वी दिव्यज्योति ने कहा इस संसार में विदा होने वाले दो प्रकार के हैं। जिसका जन्म हुआ वह एक दिन विदा अवश्य होगा। कितने पैदा हुए कितने विदा होंगे, लेकिन विदा तो होना ही पड़ता है। जिनको जाना पड़ता है वे रोते-रोते जाते हैं और विदा होने वाले हंसते हुए जाते हैं।

दूसरों की शांति के लिए अपना सुख व शांति त्याग दी, उनको मृत्यु का डर नहीं। इसलिए विदा होने से पहले शुभ धर्माराधना, तप-त्याग व जाप कर लें क्योंकि वस्तुएं तो सभी यहीं रह जाती हैं। परिग्रह पाप का घर एवं त्याग मुक्ति का द्वार है। संचालन सज्जनराज तातेड़ ने किया एवं आभार रमेश ओस्तवाल ने जताया।

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मॅट्रिमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???