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मंत्रियों व विपक्ष के नेता स्टालिन के बीच सदन में गर्मागर्म बहस

Updated: IST chennai
विधानसभा में सोमवार को मंत्रियों व विपक्ष के नेता स्टालिन के बीच गर्मागर्म बहस हुई। मंत्रियों ने स्टालिन के

चेन्नई।विधानसभा में सोमवार को मंत्रियों व विपक्ष के नेता स्टालिन के बीच गर्मागर्म बहस हुई। मंत्रियों ने स्टालिन के सवालों का जवाब दिया। प्रश्नकाल के दौरान स्टालिन ने मछुआरे ब्रिडगो की मौत पर सरकार का ध्यान खींचा। श्रीलंकाई नौसेना ने मछुआरे की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। स्टालिन ने मछुआरों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कच्चतीवू की वापसी ही इसका एकमात्र हल है तभी मछुआरों पर हमले रुकेंगे। उन्होंने कहा सरकार यह बताए कि इस मामले को हल करने के लिए उसने क्या क्या कदम उठाए।

जवाब में मत्स्य विभाग के मंत्री डी.जयकुमार ने कहा कि जब डीएमके की सत्ता (1974) थी, उसी समय कच्चतीवू श्रीलंका को दिया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में पहले ही केंद्र सरकार से बातचीत कर चुकी है। मुख्यमंत्री एडपाडी पलनीस्वामी के निर्देशों के बाद 17 मार्च को दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की गई। स्वराज से आग्रह किया गया कि वे मछुआरों के अधिकारों की रक्षा करें। मंत्री ने कहा कि गहरे समुद्र में मछली पकडऩे की अनुमति मिलने के बाद ही इस मामले का स्थाई समाधान निकल सकता है। स्टालिन ने मंत्री के दावों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनके विधायक कोष से पांच लाख रुपए का आवंटन किया गया। इस राशि को हास्पिटल के रखरखाव पर खर्च किया जा रहा है। बावजूद इसके अभी भी हास्पिटल की हालत खराब है। इसमें पर्याप्त सुविधाओं की कमी है।

कोलत्तूर गवर्नमेंट हास्पिटल का मुद्दा उठाया

कोलत्तूर गवर्नमेंट हास्पिटल के मानकों के सुधार तथा अतिरिक्त चिकित्सकों को लेकर भी स्टालिन ने सवाल किए। स्टालिन ने आग्रह किया कि यह हास्पिटल राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हास्पिटल से जुड़ा हुआ है। करीब 1300 आउटपेशेंट तथा 80 से 90 इन पेशेंट यहां आते हैं। बावजूद इसके यह हास्पिटल बहुत ही खराब अवस्था में हैं।

ऐसे में अधिक चिकित्सक व नर्स की नियुक्ति हास्पिटल में की जानी चाहिए। स्टालिन के इस सवाल के जवाब में स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री सी.विजय भास्कर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता ने 22 अक्टूबर 2015 को आदेश दिया था कि कोलतूर गवर्नमेंट हास्पिटल राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हास्पिटल के तहत काम करेगा।

प्रत्येक महीने 30,000 रोगी इस हास्पिटल में इलाज के लिए आते हैं। इसके लिए 50 लाख रुपए का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि हास्पिटल के आर्थो विभाग में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। शीघ्र ही नर्सों की काउंसलिंग की जाएगी। इसके बाद रिक्त पदों को शीघ्र ही भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि हास्पिटल के रखरखाव के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

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