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Updated: IST chennai
चुनर उड़ा के ध्वज बना गगन भी कंपकंपाएगा..., कमजोर बताना बंद करो ये फूल नही चिंगारी है... जैसी कविताएं

चेन्नई।चुनर उड़ा के ध्वज बना गगन भी कंपकंपाएगा..., कमजोर बताना बंद करो ये फूल नही चिंगारी है... जैसी कविताएं पेश कर नवोदित कवयित्रियों ने राजस्थान पत्रिका तथा साज एवं आवाज के संयुक्त तत्वावधान में साहुकारपेट के कोतवाल छावड़ी स्थित कन्यका परमेश्वरी कला एवं विज्ञान महिला महाविद्यालय में गुरुवार को आयोजित प्रतियोगिता में खूब तालियां बटोरी। काव्यपाठ प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 30 छात्राओं ने कविताएं पढ़ी।

निर्णायकों ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा के उच्च शिक्षा एवं शोध संस्थान की सहायक प्रोफेसर डा. सविता धुड़केवार एवं राजस्थानी एसोसिएशन महिला विंग गणगौर की पूर्व अध्यक्ष सरिता खेमका निर्णायक के रूप में मौजूद थी। इस अवसर पर महाविद्यालय की हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं उप प्राचार्य डा. पी.बी. वनिता तथा हिन्दी प्राध्यापिका मधु विनय भी उपस्थित थी। राजस्थान पत्रिका के वरिष्ठ उपसंपादक अशोकसिंह राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका एवं प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी। राजस्थान पत्रिका के संवाददाता विशाल केशरवानी, महाविद्यालय के हिंदी क्लब लेहर की सचिव कविता और भाग्यलक्ष्मी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की छात्रा भाग्यवंती बी. राजपुरोहित तथा पिन्टू राजपुरोहित ने किया।

इनको मिला पुरस्कार

प्रथम पुरस्कार- आरती आर., बी.कॉम (सीएस) प्रथम वर्ष।

द्वितीय पुरस्कार- पिन्टू राजपुरोहित, बीएससी (गणित) तृतीय वर्ष।

तृतीय पुरस्कार- ममता के., बी. कॉम द्वितीय वर्ष।

इन्हें मिला

सांत्वना पुरस्कार :

सरिता, पूजा रणजीत, संतोष राजपुरोहित, आरती शर्मा, जूही एवं भाविका।

इनकी कविता भी

रही सराहनीय :

आशा आर., जीनल, प्रियंका, वर्षा, धीरू एवं मंजू कुमारी।

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