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हाथों में मेहंदी लगाकर इंतजार करती रही दुल्हन, नहीं आए दहेज लोभी

Updated: IST Bride putting henna on hands, waiting, not graspin
वधु पक्ष ने दहेज लोभियों पर दर्ज कराया मामला,विवाह से दो दिन पहले 50 हजार रुपए और बाइक की कर दी मांग।

छतरपुर/नौगांव. दहेज लोभियों ने एक गरीब युवती के शादी के सपने को पानी फेर दिया। एक नहीं दो दिन तक हाथों में मेंहदी लगाए अपनी शादी का इंतजार करती रही दुल्हन लेकिन दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी बारात दरवाजे पर नहीं आई। लड़की के परिजनों ने इसकी शिकायत नौगांव थाने में की है।

नौगांव क्षेत्र अंतर्गत भदेसर गांव निवासी धनीराम कुशवाहा की पुत्री आरती कुशवाहा की शादी छतरपुर जिले के ही गर्रापुराव गांव निवासी रामदास कुशवाहा के पुत्र भुमानी उर्फ भजोली के साथ तय हुई थी। बारात 14 फरवरी को आना थी लेकिन इससे पहले वर पक्ष एक मोटरसाइकिल और 50 हजार रुपए की मांग कर दी गई। तब वधु पक्ष ने अपनी हैसियत के हिसाब से ही दहेज देने की बात कही। वधु पक्ष दो दिन तक बारात के आने का इंतजार करता रहा लेकिन बुधवार की शाम तक भी जब बारात नहीं आई तो वधु पक्ष के लोगों ने नौगांव थाने मामला दर्ज कराया।

धनीराम कुशवाहा ने बताया कि मेरी पुत्री आरती की शादी की बातचीत करीब 2 वर्ष पहले गर्रापुराव निवासी रामदास कुशवाहा के पुत्र भवानी दीन उर्फ भजोली के साथ तय हो गई थी। शादी का मुहूर्त इस वर्ष फरवरी की 14 तारीख को निकला था। 12 तारीख को मंडप था। 14 तारीख को टीका और 15 तारीख को विदाई होनी थी। शादी के 3 दिन पहले रामदास ने फोन करके हम लोगों को अपने गांव बुलाया और पचास हजार रुपए नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग की। जबकि हैसियत के हिसाब से शादी तय गई थी।

वर पक्ष को समझाया कि अभी तो नहीं लेकिन कुछ समय बाद हम मोटरसाइकिल दिला देंगे। 14 तारीख को टीका के दिन सारे रिश्तेदार और व्यवहारी घर पर एकत्रित हुए। इस दौरान व्यवहारियों का भोजन भी हुआ। परिवार के लोग लड़की की बारात आने का इंतजार करते रहे। पूरी रात बारात आने की राह देखते रहे लेकिन जब दूसरे दिन भी बारात नहीं आई तो नौगांव थाने में आकर हमने इसकी शिकायत की। फरियादी धनीराम की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी भमानीदीन उर्फ बाजोली और उसके पिता रामदास कुशवाहा पर धारा 3/4 दहेज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज जाएगा।

मजदूरी करता है पिता
आरती का पिता धनीराम कुशवाहा वैसे तो किसान है लेकिन कृषि कार्यठीक न होने से वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता है। उसके चार बच्चे हैं। जिसमें दो पुत्रियां व दो पुत्र हैं। उसके एक पुत्र व एक पुत्री की पहले ही शादी हो चुकी है। जबकि छोटी पुत्री आरती की 14 फरवरी को बारात आना थी।

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