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सावधान..मंदसौर की तरह यहां भी आक्रोशित है किसान

Updated: IST chhindwara
मंदसौर की आंधी में सौंसर के पास ग्राम गोंडीवाड़ोना का किसान आंदोलन सुलगने लगा है। विशेष आर्थिक क्षेत्र जोन(सेज) के नाम पर इस गांव की अधिग्रहित जमीन का करीब 37 करोड़ रुपए का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है।

छिंदवाड़ा. मंदसौर की आंधी में सौंसर के पास ग्राम गोंडीवाड़ोना का किसान आंदोलन सुलगने लगा है। विशेष आर्थिक क्षेत्र जोन(सेज) के नाम पर इस गांव की अधिग्रहित जमीन का करीब 37 करोड़ रुपए का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है। इस जमीन को लेनेवाली कम्पनी छिंदवाड़ा प्लस हर बार वायदे से मुकर रही है। इस वादाखिलाफी से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दे दिया और चेतावनी दी कि प्रशासन ने इसका भुगतान नहीं कराया तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर देंगे।


पिछले दस साल से सेज निर्माण के लिए ग्राम सतनूर समेत आसपास के आठ गांवों की जमीन पहले ही खरीदी जा चुकी थी। उसके बाद इस ग्राम गोंडीवाड़ोना की 111 हैक्टेयर जमीन का सौदा करीब 79 किसानों से किया गया। इस दौरान कम्पनी ने भू-अर्जन अधिकारी एसडीएम सौंसर के समक्ष किसानों के बकाया अवार्ड की राशि 36 करोड़ 84 लाख 16 हजार 760 रुपए 15 दिन में देने की हामी भरी और उसे भू-अर्जन अधिकारी के पीडी खातें में जमा करने की बात पर सहमति दी। इस भू-अर्जन का अनुमोदन कलेक्टर ने भी किया था। किसान चाहते थे कि उन्हें खरीफ सीजन से पहले मुआवजा राशि मिल जाए। कम्पनी इस वायदे पर अभी तक खरी नहीं उतरी है। हर बार कम्पनी के पदाधिकारी सुनील पुरी आश्वासन दे रहे हैं।

किसानों को नहीं मिले पांच लाख

इस गांव के किसानों का कहना है कि कम्पनी द्वारा बकाया राशि भुगतान में लेट होने पर किसानों को पांच-पांच लाख रुपए तत्काल देने के लिए कहा गया था। इससे वे खरीफ सीजन की फसल की तैयारी कर पाते लेकिन उनकी यह आशा भी निराशा में बदल रही है। इसको लेकर वे पांढुर्ना दौरे में आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मिले थे। सीएम ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया था। अफसरों ने कम्पनी तक इस मैसेज भी पहुंचाया था। किसान सौंसर विधायक नाना मोहोड़, भाजपा अध्यक्ष राजू परमार और संतोष जैन से भी मिल चुके हैं।


एसडीएम कार्यालय के सामने धरना

कम्पनी द्वारा लगातार बकाया राशि देने में उदासीनता बरते जाने के विरोध में इस गांव के किसान सोमवार को सौंसर के एसडीएम कार्यालय में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि कम्पनी ने उनकी बात नहीं मानी तो वे मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर देंगे। इस दौरान अंकुश चौधरी, आनंद दुफ ारे, राजकुमार ठाकरे, योगेश ठाकरे, सुभाष अंबडकार, संजय वाघ, हंसराज डोंगरे, जगन्नाथ ठाकरे, निलेश ठाकरे, सुभाष पायफेरे शिवम बागड़े, अजाबराव ठाकरे, कुंडलिक पगारे, मधुकर गजभिये सहित किसान मौजूद थे।


कांग्रेस ने भी माना-किसानों के साथ अन्याय

सौंसर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कांग्रेस महामंत्री अजय चौरे का कहना है कि ग्राम गोंडीवाड़ोना के किसानों को समय पर बकाया राशि का भुगतान न होना उनके साथ अन्याय है। वे किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस साल से कम्पनी केवल जमीन खरीद रही है लेकिन अभी तक कोई उद्योग खड़ा नहीं किया गया है। इससे करीब 8 हजार हैक्टेयर जमीन बेकार पड़ी है।


ये भी तथ्य महत्वपूर्ण

1.सौंसर के पास विशेष आर्थिक क्षेत्र जोन वर्ष 2007-08 में सांसद और तत्कालीन केन्द्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने स्वीकृत कराया था। उसके बाद इसका जिम्मा छिंदवाड़ा डेवलपर्स कम्पनी नागपुर को सौंपा गया।

2. विशेष आर्थिक जोन के नाम पर ग्राम सतनूर समेत आठ गांवों में पहले ही हजारों एकड़ की जमीन को खरीदा गया लेकिन इसका उपयोग नहीं किया गया। इसको लेकर भी किसानों ने नए भू-अर्जन एक्ट का हवाला देते हुए जमीन वापसी की मांग की और आंदोलन किया।

3.पिछले दस साल में एक भी उद्योग सेज के नाम पर न लगने से करीब 8 हजार हैक्टेयर जमीन बेकार पड़ी है। इस पर फसल तक नहीं लग पा रही है। किसान परिवार को नौकरी देने समेत अन्य लाभ के वायदे भी पूरे नहीं हो पाए हैं।

प्रशासन ने दिया अल्टीमेटम

ग्राम गोंडीवाड़ोना के किसानों के बकाया करीब 37 करोड़ रुपए के भुगतान के लिए प्रशासन कम्पनी को अल्टीमेटम जारी कर चुका है। इस पूरे मामले से कलेक्टर को भी अवगत करा दिया गया है। भुगतान न करने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

-डीएन सिंह, एसडीएम, सौंसर।

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