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कृषि तकनीक अपनाकर लें रबी फसल

Updated: IST chhindwara
तीन दिवसीय कृषि विज्ञान मेला व प्रदर्शनी में किसानों को कृषि की उन्नत तकनीक अपनाने की सलाह दी गई।

छिंदवाड़ा . कृषि विभाग के तीन दिवसीय कृषि विज्ञान मेले व प्रदर्शनी का समापन मंगलवार को पुरस्कार वितरण के साथ हो गया। जिला प्रशासन के प्रयास और कृषि अनुसंधान केंद्र चंदनगांव के सहयोग से लगे इस मेले में कृषि विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि कृषि की उन्नत तकनीक को अपनाकर ही किसान खेती में सुधार ला सकते हैं।

समापन कार्यक्रम में पहुंचे विधायक चौधरी चंद्रभानसिंह, अनुसुइया उइके और कलेक्टर जेके जैन ने कहा कि तीन दिन के मेले मंे किसानों को जो जानकारियां वैज्ञानिकों ने दी हैं वे बेहद महत्वपूर्ण हंै और किसानों को उन्हें अपनाकर अगली फसल लेनी चाहिए। मेले के आखिरी दिन करीब तीन हजार किसानों ने अपनी उपस्थिति दी। तीन दिन में 11 हजार से ज्यादा किसानों के मेले में शामिल होने का दावा किया गया है।

मेले में कृषि व कृषि से संबंधित शाखाओं पर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया तो पशुपालन व दुग्ध उत्पादन, उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन आदि पर मेला में उपयोगी जानकारी देकर गांवों में खेती की अर्थव्यवस्था के सुधार पर बल दिया गया।

विधायक चौधरी चंद्रभानसिंह ने मिट्टी परीक्षण, उत्पादन लागत कम करने, किसानों को प्रेरित व जागरूक करने, कृषि क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने, नशामुक्ति व पौष्टिक आहार की उपयोगिता के बारे में किसानों को बताया। कलेक्टर जेके जैन ने यहां की विविधतापूर्ण व उपयुक्त जलवायु का जिक्र करते हुए कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन के क्षेत्र में जिले में असीम संभावनाएं बताईं। अनुसुईया उइके ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए इस आयोजन को बेहद महत्वपर्ण बताया।

समापन अवसर पर जिले में उन्नत कृषि करने वाले किसानों को शाल श्रीफल से सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर महापौर कांता सदारंग, भाजपा जिला अध्यक्ष राजू परमार, मारोतिराव खवसे, अनुसंधान केंद्र के सहसंचालक डॉ. विजय पराडकर, उपसंचालक कृषि केपी भगत, सहायक संचालक सरिता सिंग, एसडीओ धीरज ठाकुर, शरद नामदेव सहित मंडी, उद्यानिकी, पशुपालन समेत अन्य विभागों के कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।

मुफ्त में बांटा 25 क्विंटल बीज

मेले में पंजीयन कराने वाले किसानों को जिले की 20 बीज उत्पादक समितियों के माध्यम से सरसों का 25 क्विंटल बीज मुफ्त में बांटा गया। गुणवत्तायुक्त बीजों का उत्पादन जिले में ही किया गया है। सरसों के इन बीजों के जरिए किसान अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। किसान मेले में मक्का की बेहतरीन किस्मों का प्रदर्शन भी अनुसंधान केंद्र ने किया था। मक्का विशेषज्ञ डॉ. विजय पराडरक ने विशेष जानकारी किसानों को दी।

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