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मुश्किल में दो सौ किसानों की खेती

Updated: IST chhindwara
माचागोरा बांध से सिंचाई के लिए पानी... जल संसाधन विभाग के नहर डिवीजन के कार्यपालन यंत्री राजीव फिरके ने बताया कि माचागोरा बांध से दांयी और बांयी तट नहर से जुड़े गांवों को सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। अब तक नहर में दो क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है।

छिंदवाड़ा . सिवनी रोड में स्थित घोघरा जलाशय का पानी अभी तक रबी फसल की सिंचाई के लिए छोड़ा नहीं गया है। इसके चलते ग्राम खुटिया के दो सौ किसानों के खेतों में लगी गेहूं-चना की फसल सूखने की कगार पर आ गई है। जल संसाधन विभाग के स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी शिकायत पर लापरवाह बने हुए हैं। किसान इसकी शिकायत कलेक्टर से करेंगे।क्षेत्रीय जनपद सदस्य पंचलाल उइके समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस जलाशय से जुड़े ग्राम खुटिया में इस जलाशय का पानी नहर के अपूर्ण होने पर नाले के माध्यम से आता है।

विभागीय कर्मचारियों ने अभी तक पानी छोडऩे में रुचि नहीं दिखाई है। उन्होंने बताया कि इस जलाशय की नहर का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। पुलिया अधूरी पड़ी हुई है। इसकी मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।

इस संबंध में जब विभागीय कार्यपालन यंत्री एमके जैन का ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने तत्काल एसडीओ से इस जलाशय का निरीक्षण करने के लिए कहा और इसकी रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि किसानों को जल्द पानी दिलाया जाएगा।

सरकार ने नहीं बढ़ाया मेंटेनेंस का बजट

जल संसाधन विभाग के अधीन नहरों की मरम्मत का बजट राज्य सरकार द्वारा नहीं बढ़ाया गया है। अभी भी 15 साल पुराने मजदूरी रेट 52.66 रुपए की दर से बजट का आवंटन जल उपभोक्ता संथाओं को दिया जा रहा है। इसके चलते नहर का मरम्मत बजट 100 रुपए प्रति हैक्टेयर तक सीमित है। कार्यपालन यंत्री का कहना है कि नहर मरम्मत का बजट नए मजदूरी दर से करने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। इसकी वृद्धि के आदेश नहीं आए हैं।

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