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मास्टर प्लान फाइनल नहीं हो और खड़ी की जा रहीं बहुमंजिला इमारतें

Updated: IST chhindwara
नगर निगम के गठन के डेढ़ साल बाद भी शहर का मास्टर प्लान फाइनल नहीं हो पाया है

छिंदवाड़ा . नगर निगम के गठन के डेढ़ साल बाद भी ढाई लाख की आबादी वाले शहर का मास्टर प्लान फाइनल नहीं हो पाया है और एक दर्जन पांच मंजिला मंजिला इमारतें खड़ी हो गई हैं। ये इमारतें शहर के परासिया, नागपुर, नरसिंहपुर रोड, ईएलसी चौक और रेलवे स्टेशन में मौजूद हैं, जिसके पीछे रहने वाले लोगों को सूरज की रोशनी नहीं मिल पाती है। इसके अलावा पार्किंग समेत अन्य सुविधाएं नदारद हैं। नगर निगम से इनकी अनुमति इसलिए मिल जाती है क्योंकि व्यवस्थित मास्टर प्लान ग्राम एवं नगर निवेश विभाग भोपाल की फाइलों में दफन है। इस विभाग के उपसंचालक ईश्वर सिंह के निधन के बाद पद रिक्त है, किसी दूसरे अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से मास्टर प्लान कोई नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहा है। जनप्रतिनिधियों की ओर से भी कोई पहल नहीं हो पा रही है। एेसे में राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला इस अव्यवस्थित शहर को सुधारने के लिए रोशनी बन सकता है।

इस समय शहर में करीब एक दर्जन बहुमंजिला इमारतों को नगर निगम की तय शर्तों के मुताबिक निर्माण की अनुमति दी गई है। इसमें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हंै। राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा कोई गाइडलाइन दी गई है तो उसका अध्ययन कर उसका पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

धर्मेन्द्र मिगलानी, नगर निगम अध्यक्ष

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