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सावधान: कहीं आप मेहंदी की जगह केमिकल तो नहीं लगा रही

Updated: IST chhindwara
करवाचौथ त्योहार की बात करें तो महिलाओं श्रृंगार के तमाम चीज़ों के साथ मेहंदी भी महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

छिंदवाड़ा। करवाचौथ त्योहार की बात करें तो महिलाओं श्रृंगार के तमाम चीज़ों के साथ मेहंदी भी महत्वपूर्ण स्थान रखती है। हाथों में मेहंदी महिलाओं की खूबसूरती और बढ़ा देती है। मगर इन दिनों बाज़ार में खतरनाक केमिकल से बनी मेहंदी का खेप आया है जो आपकी सुंदरता पर ग्रहण लगा सकता है। मेहंदी आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है।

दरअसल त्यौहार का मौसम शुरू होते ही नकली मेहंदी बनाने वाले काफी सक्रीय हो जाते हैं। बाज़ार में नकली मेहंदी का बड़ा स्टॉक भी पहुंच जाता है। इससे महिलाओं के लिए परेशानी बढ़ सकती है। डॉक्टर बताते है कि केमिकल मेहंदी से महिलाओं में कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं। इसी वजह से महिलाओं को मेंहदी लगवाने से पहले कुछ सावधानी बरतने की जरूरत है।

पांच मिनट में मेहंदी रचाने के दावे में न आएं

मेहंदी रचाने वाले और मेहंदी बेचने वाले अक्सर दावा करते हैं की आपके हाथों में मेहंदी पांच मिनट में रच जाएगी। इन दावों के झांसे में न आएं क्योंकि ऐसा दावा केमिकल मेहंदी के बल पर ही किया जाता है। हर्बल मेहंदी हमेशा नारंगी रंग की ही रचती है कभी भी काली नहीं पड़ती। शुद्ध मेहंदी को रचने में काफी समय भी लगता है।

मेंहदी में मिलाया जा रहा है यह घातक रंग

सोडियम पिक्रामेट- यह घातक रसायन ज्वलनशील पदार्थों में मिलाया जाता है। यह शरीर के प्रोटीन में मिलकर रंग को गाढ़ा बनाता है। मेंहदी में सबसे ज्यादा इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह मेंहदी के तेल के नाम से भी जाना जाता है।

ऑक्सेलिक एसिड- यह ब्लीचिंग के लिए प्रयोग होता है।

पीपीडी- बालों को काला करने के लिए हेयर डाई में इस्तेमाल किया जाता है। काली मेंहदी को तैयार करने में इसका प्रयोग होता है।

मेहंदी में होते हैं यह औषधीय गुण

1. मेहंदी का इस्तेमाल कई तरह की देशी दवाओं को बनाने में किया जाता है

2. अगर आपको लू लग गई है तो इसे पानी में घोल कर पैर और तलवों में लगाएं

3. शरीर का कोई अंग जल जाये तो उसमें फायदेमंद है

4. मुंह में छाले हो जाएं तो मेहंदी के पत्ते को रात में पानी में भिगो दें सुबह पानी छानकर उससे कुल्ला करें छाला ठीक हो जायेगा

5. शरीर के जिस अंग पर दाद हो गया हो वहां मेहंदी के पत्ते को पीसकर लगाएं दाद दूर हो जाता है

6. शरीर के किसी अंग पर आतंरिक चोट लग गई हो तो वहां मेहंदी में हल्दी पीसकर लगाएं ददज़् से आराम मिलेगा

7. पित्त की समस्या में नाभि पर मेहंदी का घोल लगाएं। कुछ समय बाद स्नाान कर फायदा मिलेगा

रासायनिक मेंहदी लगाने से होती है यह समस्याएं

त्वचा में जलन, सूजन, खुजली और खरोंच के निशान बनने का खतरा होता है। इस तरह के लक्ष्ण अगर आपको दिखने लगे तो तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करें। देर करने पर एलजीज़् पूरे शरीर में फैल सकती है।

असली मेंहदी की यह है पहचान

अगर कोई आपसे कह रह है कि वह पांच मिनट में आपके हाथों में मेंहदी का रंग रचा सकता है तो समझ जाएं उसमें उतना ज्यादा ही कैमिकल मिलाया गया है। असली मेंहदी को हाथों में लगाने से पहले दो से तीन घंटे पहले भिगो के रखना पड़ता है। इसके बाद हाथों में लगने के बाद भी काफी देर तक हाथों में लगा रहता है और फिर उसका रंग आता है। असली मेंहदी का रंग पांच मिनट में आना संभव नहीं। असली मेंहदी का रंग काला नहीं होता है। केवल नारंगी और गाढ़ा लाल होता है।

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