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अब पिता को गुपचुप के ठेले से मुक्ति दिलाएगी पीएससी की टॉपर बिटिया

Updated: IST chhindwara
एमपीपीएससी पास कर मोनिका बनीं ट्रेजरी अफसर

छिंदवाड़ा . महज 26 वर्ष में बुधवारी बाजार निवासी मोनिका सोनी ने मां-बाप के सपने को सच कर दिखाया। एमपीपीएससी 2015 परीक्षा पास कर मोनिका अब ट्रेजरी अफसर बन गई हैं। पत्रिका से चर्चा के दौरान उन्होंने अपने अनुभवों को सांझा किया। मोनिका ने यह सफलता घर के काम करते हुए, कोचिंग पढ़ाकर हासिल की है। वे कहती हैं पिता महेश सोनी 20 वर्षों से गुपचुप की दुकान लगाकर घर चला रहे हैं। अब मैंने सफलता पा ली है। पापा को अब काम नहीं करने दूंगी। उन्होंने बहुत मेहनत कर ली अब मेरी बारी है।

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मोनिका कहती हैं कि आज भी कई लोग बेटियों को पढ़ाना नहीं चाहते हैं, लेकिन हमारे माता-पिता ने ऐसा नहीं किया। गरीब होने के बावजूद उनका सपना था कि अगर वह नहीं पढ़ पाए तो उनके बच्चे खूब पढ़ें। अब्दुल कलाम को अपना प्रेरणास्रोत मानने वाली मोनिका कहती हैं कि मैं बहुत छोटी फैमिली से हूं। अब्दुल कलाम भी छोटी फैमिली से थे, लेकिन वह देश के सर्वोच्च पद पर बैठे। मैंनेे भी यही सोचा और सफलता के लिए प्रयास करने लगी।

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मोनिका ने एक से आठवीं तक सरस्वती शिशु मंदिर, आठवीं से 12वीं तक उत्कृष्ट विद्यालय एवं बीएससी गल्र्स कॉलेज से किया। मोनिका कहती हैं कि पहले मैं डॉक्टर बनना चाहती थी। लेकिन शिक्षक सुनील सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में आने के बाद मेरा सपना बदल गया। में लगातार तीन वर्ष तक तैयारी की और आज मुझे सफलता मिल गई। मोनिका एक बहन वह एक छोटा भाई मिलन सोनी है। वह भी पीएससी की तैयारी कर रहा है।

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परिवार सपोर्ट करे तो पद हासिल हो सकता है
मोनिका के पिता महेश सोनी गुपचुप का व्यवसाय करते हैं। मोनिका कहती हैं कि मम्मी सरोज सोनी गृहिणी हैं। छोटे परिवार से होते हुए भी उन्होंने मुझे पढऩे में सपोर्ट किया, मुझ पर विश्वास किया। अगर परिवार आपके लक्ष्य पाने में सपोर्ट करे तो किसी भी पद को प्राप्त कर सकते हैं। बस आपको सोचना है और जुनून के साथ उसको पाने में लग जाना है।

छिंदवाड़ा में प्रतिस्पर्धा का नहीं था माहौल
मोनिका कहती हैं कि किसी भी सफलता को पाने के लिए प्रतिस्पर्धा जरूरी है। जब आपके सामने कोई कुछ बनता है तो उसे देखकर आप आगे बढ़ते हैं। पहले छिंदवाड़ा में ऐसा नहीं था। अब यहां सबकुछ है।

एक बुक को पढ़े दस बार
मोनिका कहती हैं कि मेरी लाइफ में ऐसी कोई कठिनाई नहीं आई जो दूर नहीं हो पाई। इसके लिए मैंने मेहनत की है। उन्होंने नए बच्चों के तैयारी के टिप्स देते हुए कहा कि समय देखकर पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। आप टॉपिक सलेक्ट करो और जब तक तैयार न हो जाए पढ़ों। न्यूज पेपर पढ़ें, खेल न्यूज देखें, एफएम सुनें, करेंट अफेयर्स पढ़ें। दस बुक की जगह एक बुक को दस बार पढ़ें। अच्छी मैगजीन को सलेक्ट करें।

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गुरुजनों से मार्गदर्शन लेते रहें, जरूरी नहीं की आप विशेषज्ञ हों। कुछ प्वाइंट की थोड़ी जानकारी भी आपको अच्छा नंबर दिला सकती है। साक्षात्कार के दौरान यह सोचें की आप जिस पोस्ट पर जाना है वह आप हैं। जो सवाल नहीं आते हैं उसे मना कर दें। स्मार्ट बनने की कोशिश न करें। मोनिका कहती हैं कि सफलता पाने के लिए सबसे जरूरी है धैर्य।

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