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शहर की बेटी रचिता बनीं डीएसपी, अपराध पर कसेंगी लगाम 

Updated: IST chhindwara
आज का काम आज निपटाना, अच्छा ग्रुप, तैयारी पर फोकस, मोटिवेशन बनाए रखना ही सफलता पाने की कुंजी है।

छिंदवाड़ा . आज का काम आज निपटाना, अच्छा ग्रुप, तैयारी पर फोकस, मोटिवेशन बनाए रखना ही सफलता पाने की कुंजी है। यह कहना है एमपीएससी-2014 की परीक्षा में डीएसपी पद पर चयनित सत्यम शिवम कॉलोनी निवासी रचिता रघुवंशी का। मप्र लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा-2014 के लगभग डेढ़ साल बाद फाइनल सूची जारी कर दी है। इसमें शहर की बेटियों ने चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया।

इसमें से एक हैं रचिता रघुवंशी। जिनका चयन डीएसपी पद के लिए किया गया। रचिता ने यह सफलता पहले ही प्रयास में प्राप्त किया। बेंगलुरु से प्रारम्भिक पढ़ाई के बाद रचिता ने भोपाल से इंजीनियरिंग की। कॉलेज में ही कैम्पस सलेक्शन हुआ, लेकिन नौकरी नहीं की। वर्ष 2008 में पिता के देहांत के बाद वह छिंदवाड़ा आ गईं और यहीं से सिविल सेवा की तैयारी करने लगीं।

वे कहती हैं कि पिता का सपना था कि मैं डिप्टी कलेक्टर बनूं। पहले प्रयास में डीएसपी पद पर चयनित हो गई हूं। वर्ष 2015 में आयोजित परीक्षा पास की है। इंटरव्यू की तैयारी चल रही है। रचिता ने सफलता का श्रेय पिता स्व. आरएस रघुवंशी, माता संध्या रघुवंशी, पति चंचलेश रघुवंशी, मामा आरबी पवार, एकेडमी के सुनील राजपूत, एसडीएम नम: शिवाय अरजरिया को दिया।

जब भी समय मिला की पढ़ाई

रचिता का बचपन से ही उद्देश्य पिता के सपने को साकार करने का रहा है। इसके लिए वह हमेशा तत्पर रही हैं। कहती हैं कि ऑफिस में सभी लोग काफी सपोर्ट करते हैं। जिससे पढ़ाई हो पाई। सुबह चार बजे उठना, कोचिंग जाना, फिर ऑफिस से शाम को कोचिंग। यही उनकी लाइफ रही है। जिससे सफलता मिल पाई।

शहर में तैयारी के हर संसाधन मौजूद

रचिता का कहना है कि मैं इंग्लिश मीडियम से हूं, यहां आने पर पता चला की इस माध्यम से कोचिंग नहीं होती। फिर भी मैंने कोचिंग ज्वाइन की। यहां हर संसाधन मौजूद हैं। जरूरत है बस पूरे मन से लक्ष्य पर फोकस करने की। उन्होंने बताया कि यहां सिविल सेवा की तैयारी के लिए मटेरियल के साथ ही अच्छे मार्गदर्शक के रूप में शिक्षक भी हैं, जो बच्चों के सपने पूरे करने में भरपूर मेहनत करते हैं।

रचिता डीएसपी पद पर ज्वाइन करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि मैं लोगों की सोच बदलना चाहती हूं। डीएसपी पद ज्वाइन कर बेटियों का हौसला बढ़ाना चाहती हूं। हालांकि पिता का सपना पूरा करने के लिए वह तत्पर हैं। रचिता की छोटी बहन इंजीनियर हैं। माता गृहिणी। वर्तमान में वह अनुकम्पा नियुक्ति पर आरईएस विभाग में नियुक्त हैं।

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