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एक महिला ही समझ सकती है छात्राओं की समस्या

Updated: IST teacher
पैरेंट्स, टीचर्स ने रखे विचार, कहा, सभी बसों में होनी चाहिए महिला परिचालक... स्कूल बसों में महिला परिचालक की नियुक्ति का आदेश सराहनीय पहल है।

छिंदवाड़ा . स्कूल बसों में महिला परिचालक की नियुक्ति का आदेश सराहनीय पहल है। छात्रा हो या फिर कोई बच्चा बस में अगर महिला परिचालक है तो वह उसकी समस्या को तुरन्त जान लेगी। स्कूल बस ही नहीं बल्कि सभी बसों में महिला परिचालक की नियुक्ति होनी चाहिए। यह कहना है शहर के टीचर्स, पैरेंट्स व स्कूल संचालकों का।

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूली बसों में छात्राओं के संबंध में गाइडलाइन जारी करते हुए पुरुष परिचालक की जगह या पुरुष परिचालक के साथ महिला सहायक की मौजूदगी को अनिवार्य कर दिया है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि कई बार स्कूल बस में अकेली बच्ची को भी जाना पड़ता है ऐसी स्थिति में चालक, परिचालक के मध्य बच्ची असहज व असुरक्षित महसूस करती है।

इस स्थिति को समाप्त करने के लिए महिला परिचालक बस में नियुक्त होना चाहिए। कोर्ट ने इसकी जवाबदारी शैक्षणिक संस्था के व्यवस्थापक या फिर प्राचार्य को सौंपी है। गाइडलाइन को लेकर पत्रिका ने परिचर्चा का आयोजन किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह हर पहलु से अच्छा कदम है।

निडर होकर अपनी प्रॉब्लम शेयर करेंगे

स्कूल बसों में महिला परिचालक का रहना अति आवश्यक है। छात्राएं निडर होकर अपनी प्रॉब्लम महिला परिचालक से शेयर कर पाएंगी। पुरुष परिचालक होने से बच्चे अपनी बात सहज नहीं कह पाते हैं।

दीपमाला शर्मा, टीचर

सख्ती से होगा गाइडलाइन का पालन

यह निर्देश बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था। जिससे काफी घटनाओं पर अंकुश लग जाता। देर से ही सही सुप्रीम कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। शासन को अब इसका पालन कराने के लिए सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।

योगेश ठाकुर, पैरेंट्स

पुरुष परिचालक को समस्या बताने में संकोच

स्कूल बस में बच्चा आधे से एक घंटे तक रहता है। इस दौरान उसे कोई समस्या हो तो वह किससे कहेगा। पुरुष परिचालक से कहने में बच्चे हिचकते हैं। महिला परिचालक होगी तो कोई दिक्कत नहीं होगी। यह पहल काफी अच्छी है।

रामकुमार सनमानी, पैरेंट्स

यह गाइडलाइन केवल स्कूल बस तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए। बल्कि हर बस में महिला परिचालक की नियुक्ति होनी चाहिए। एक छात्रा हो या महिला अगर उसे कोई समस्या है तो वह आसानी से महिला परिचालक से कह पाएगी।

नीता पाण्डेय, टीचर

कोर्ट की गाइडलाइन सराहनीय है। शासन को खुद ही इस पर पहल करनी चाहिए थी। यह सभी के लिए अच्छा है। बच्चों के प्रति महिलाएं अधिक सजग रहती हैं। स्कूल बस में महिला परिचालक होगी तो पैरेंट्स भी निश्चित रहेंगे।

मो. नईम मंसूरी, टीचर

हमारे यहां बस में स्कूल टीचर जाती हैं, लेकिन वह केवल अपने घर तक ही बच्चों की देखभाल कर पाती हैं। स्कूल बस में महिला परिचालक की नियुक्ति की पहल काफी अच्छी है। हम इसका स्वागत करते हैं। इसी हफ्ते गाइडलाइन पर काम कर हर बस में एक महिला परिचालक नियुक्त करेंगे।

मंजू साव, प्राचार्य, फस्र्ट स्टेप स्कूल

हम पहले से ही स्कूल बस में एक महिला कर्मचारी को भेजते रहे हैं, हालांकि यह रेगुलर नहीं हो पा रहा था। गाइडलाइन के अनुसार जल्द से जल्द सभी स्कूल में महिला परिचालक की नियुक्ति की जाएगी।

विजया यादव, प्रशासिका, विद्या भूमि स्कूल

सुप्रीम कोर्ट की यह पहल काफी अच्छी है। इससे छात्राओं में सुरक्षा की भावना आएगी। हमने गाइडलाइन पर काम करना शुरू कर दिया है। स्कूल बसों में महिला परिचालक की नियुक्ति जल्द से जल्द करेंगे।

श्रुति तुलस्यान, संचालिका, भारत भारती स्कूल

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