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नदी ने रोका रास्ता, बना दो एक पुलिया

Updated: IST chhindwara
जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर उमरेठ के पास बसा गांव खुकरिया बारिश के इस सीजन में स्थानीय नदी में आए पानी से टापू बन गया है।

छिंदवाड़ा . जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर उमरेठ के पास बसा गांव खुकरिया बारिश के इस सीजन में स्थानीय नदी में आए पानी से टापू बन गया है। इस नदी पर बह रहे बरसाती पानी से गांव का संपर्क पड़ोसी गांव मेढ़की से टूट गया है। किसी को बाहर भी जाना हो तो जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। बच्चों ने तो स्कू ल जाना ही बंद कर दिया है।

'पत्रिका टीम इस गांव के पास पहुंची तो ग्रामीणों ने अपना दुख दर्द बयां कर दिया। महज 800 की इस आबादी वाले गांव में आदिवासी और दलित आबादी अधिक है। इस ग्राम का ज्यादातर आवागमन और संपर्क मेढ़की से होता है। दोनों गांवों के बीच बड़ी नदी है। बारिश में जब इसका प्रवाह तेज होता है तो फिर कोई भी इस गांव तक नहीं पहुंच सकता।

ग्रामीण श्रीपाल वाडीवा, कलीराम कवरेती बताते हैं कि दोनों गांव के आवागमन में बाधक इस नदी में पुलिया बनाने की मांग लम्बे समय से की जा रही है लेकिन आज तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। हर बारिश के समय किसी को दूसरे गांव जाना हो तो उसे नदी के पानी को देखना पड़ता है। पानी कम हुआ तो निकल गए नहीं तो फिर वापस घर जाओ।

ग्राम के झनकू और रघ्घु का कहना है कि बारिश में तो अधिकांश समय बच्चे मेढ़की के स्कूल में पढऩे नहीं जा पाते। इस मार्ग से केवल उनके गांव ही नहीं,25 गांवों का संपर्क टूट जाता है। इस नदी से हर बार रुकते आवागमन से सरपंच मानक बेलवंशी भी चिंतिंत है। उनका कहना है कि हर बार अधिकारियों के पास आवेदन देकर थक गए। कलेक्टर के पास भी गए।

अभी तक कोई हल नहीं निकला। अब तो नदी में पुलिया और मार्ग निर्माण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन का ही विकल्प बचा है। उमरेठ-मोरडोंगरी मार्ग में चक्काजाम किया जाएगा। तब शायद सरकार और प्रशासन को ग्रामीणों के इस दुख-दर्द का पता लग पाए।

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