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फ्री होल्ड रिहायशी प्लॉट पर नहीं हो सकेगी अन्य कोई गतिविधि

Updated: IST Real estate
फ्री होल्ड होने की स्थिति में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकेगा

सुप्रीम कोर्ट ने फ्री होल्ड रिहायशी प्लॉट पर अन्य कोई गतिविधि को मंजूरी देने के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर आईडीए की याचिका को मंजूर कर लिया है। कोर्ट ने आईडीए के इस तर्क से सहमति जताई है कि आवासीय उपयोग के प्लॉट पर आवासीय निर्माण ही किया जाएगा।

फ्री होल्ड होने की स्थिति में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कोर्ट से मिली सैद्धांतिक स्वीकृति के आधार पर स्पष्ट है कि फिलहाल योजना 59 के एक प्रकरण के साथ ही इस तरह के अन्य मामलों में अंतिम निर्णय कोर्ट के फैसले के बाद हो सकेगा। तब तक इस तरह के प्रकरणों पर आगे कार्रवाई नहीं हो सकेगी।

ऐसे आया कानूनी पेंच

योजना 59 में एक आवेदक अशोक धवन ने फ्री होल्ड आवासीय प्लॉट पर पेट्रोल पंप खोलने के लिए प्लॉट के भूमि उपयोग में बदलाव के लिए एनओसी मांगी। आईडीए ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह आईडीए की योजना में प्लॉट है। योजना का लेआउट स्वीकृत है। जिस प्लॉट का जो उपयोग निर्धारित है, उस पर वही गतिविधि की जा सकती है। आवेदक हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने आईडीए को आदेश दिए कि वह एनओसी जारी करें। इसके बाद आईडीए ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। सीईओ राकेश सिंह के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने आईडीए की याचिका को मंजूर कर लिया है।

मैरिज गार्डन अटकेंगे

आईडीए के अनुसार याचिका मंजूर होने के बाद अब ऐसे मामलों में फिलहाल एनओसी दी जाना संभव नहीं होगा। इस तरह के कई आवेदन आईडीए के पास एनओसी के लिए लंबित है। कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद ही इन आवेदनों पर विचार हो सकेगा।

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