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conditional permission of Gravel mining

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बजरी खनन की सशर्त अनुमति

conditional permission of Gravel mining

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conditional permission of Gravel mining
12/20/2013 12:36:37 AM
उदयपुर। सरकार ने आखिरकार प्रदेश में बजरी खनन को सशर्त अनुमति जारी कर दी है। शर्तो की पालना के बाद ही लीजधारी बजरी खनन कर सकेगा। इस कार्रवाई में चार-पांच दिन लग सकते हैं। खान एवं भू विज्ञान निदेशालय के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सहमति के बाद गुरूवार को सचिवालय ने भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार बजरी खनन के आदेश जारी किए।
इसके साथ ही प्रदेश में लीजधारकों का रेत खनन का रास्ता साफ हो गया। न्यायालय के अंतरिम आदेश के अनुसार फिलहाल 82 लीजधारकों को सशर्त खनन के कार्यादेश जारी किए गए हैं। इधर, खान निदेशक डीएस मारू ने बताया कि आदेश की प्रतियां सम्बन्घित अधिकारियों को भेजी जा रही हैं। आवश्यक शर्तो को पूरा कर लीजधारक खनन शुरू कर सकता है।
ये रहेगी शर्तें
लीजधारक को विभाग के साथ 1000 रूपए के स्टाम्प पर करार करना होगा। इससे पहले उसे ठेका राशि का दो अलग-अलग हिस्सों में करीब 50 प्रतिशत राशि जमा करानी होगी। इसके अलावा पर्यावरण मद, परिवहन शुल्क तथा रवाना शुल्क भी जमा कराना होगा। कुछ अन्य शर्तो की पूर्ति कर लीजधारक खनन शुरू कर सकेगा।
10 लाख तक निदेशक स्तर पर
दस लाख की आरक्षित दरों वाले लीजधारकों की आवश्यक कार्रवाई निदेशक स्तर पर पूरी होगी। मालपुरा व उनियारा (टोंक), बेगूं(चित्तौड़गढ़), चौथ का बरवाड़ा (सवाईमाधोपुर), सहाड़ा (भीलवाड़ा) व बाड़ी-बसड़ी(धोलपुर) का करार निदेशालय स्तर पर होगा।

5 लाख तक अतिरिक्त निदेशक, ढाई लाख तक अधीक्षण अभियंता (माइंस), सवा लाख रूपए तक खनि अभियंता व 50 हजार रूपए तक की आरक्षित दर वाले लीजधारकों के साथ अतिरिक्त खनि अभियंता कार्यालय से करार हो सकेेगे। 10 लाख से अधिक आरक्षित दर वाले लीजधारकों का करार राज्य स्तर पर होगा।
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