Patrika Hindi News

बाउंड्री बनाने  रातों-रात खोदे पिलर के गड्ढे 

Updated: IST damoh
दीवार को लेकर दो सरकारी स्कूलों में दीवार, उर्दू स्कूल व महाराणा प्रताप स्कूल प्रबंधन में ठनी

दमोह।शहर में संचालित दो शासकीय स्कूल प्रबंधनों मे तीन फुट की जमीन को लेकर आपसी खींचतान मची हुई है। आपसी सुलह के बाद भी इन स्कूल प्रबंधनों में जगह को लेकर विवाद नहीं थमा है। मंगलवार को देखने में आया कि एक ने बाउंड्री के पिलर खड़े करने के लिए गड्ढे खुदवा लिए तो दूसरे प्रबंधन ने जेसीबी से पुरवा दिए।

मामले के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार उर्दू स्कूल व नगरपालिका के महाराणा प्रताप स्कूल प्रबंधन की भूमि एक दूसरे से लगी हुई है। उर्दू स्कूल ने एक ओर से अपनी भूमि को कब्जे में करने के लिए बाउंड्री वॉल बनाना शुरू कर दिया है, लेकिन महाराणा प्रताप स्कूल की तरफ आने पर यह बाउंड्री सीधा नहीं बन पा रही है जिसके चलते उर्दू स्कूल प्रबंधन ने महाराणा प्रताप स्कूल प्रबंधन की करीब पांच फुट जमीन को कब्जे में करते हुए बाउंड्री बनाने का प्रयास किया, लेकिन इस पर नगरपालिका प्रशासन ने अपनी आपत्ति जताई है। इस मसले पर 24 सितंबर को एक सुलह बैठक दोनों स्कूलों के मध्य हुई थी। उर्दू स्कूल के प्राचार्य आरएस राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया है कि उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों के कहने पर स्कूल के पीछे की ओर सात फुट की जगह दस फुट भूमि छोड़कर बाउंड्री का निर्माण कार्य कराया था, लेकिन सामने की बाउंड्री बनाए जाने के समय उन्होंने जितनी जगह पीछे तरफ छोड़ी थी उतनी जगह सामने की तरफ लेनी चाही है और इसके चलते पिलर के गड्ढे खुदवाए गए थे।

वहीं दूसरे स्कूल महाराणा प्रताप प्रबंधन के जितेन्द्र राय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह स्कूल नगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में है और प्रबंधन अपनी भूमि देने के लिए तैयार नहीं है। जितेन्द्र राय का कहना है कि उर्दू स्कूल प्रबंधन अपनी भूमि पर बाउंड्री का निर्माण कराए। कई बार मना करने के बाद भी रात के समय जेसीबी से पिलर के गड्ढे खुदवा लिए गए थे जिनका नपा प्रशासन द्वारा पुराई का कार्य किया गया है।

गड्ढों की पुराई के लिए मंगलवार को नपा प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचा और नपा की जेसीबी मशीन से पुराई का कार्य करा दिया गया। दोनों स्कूल प्रबंधन पूर्व से चल रहे विवाद पर कोई घटना घटित न हो इस बात को लेकर मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। गड्ढों की पुराई के दौरान देखा गया कि रातोंरात करीब एक दर्जन से अधिक काफी गहरे गड्ढे खोद दिए गए थे। बताया गया है कि दोनों स्कूलों के बीच चल रहा जमीनी विवाद निराकरण के लिए जिला प्रशासन के समक्ष विचाराधीन है। उर्दू स्कूल को हालही में नजूल द्वारा भूमि उपलब्ध कराई गई थी जिस पर करीब डेढ़ वर्ष पहले नवीन भवन का निर्माण कार्य किया गया है।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

More From Damoh
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???