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गलती रेलवे की खामियाजा भुगत रहे वाहन चालक

Updated: IST Railway
मलैया मील रेलवे फाटक पर सड़क हो चुकी है खराब, एक दर्जन से अधिक प्रकरण हो चुके है दर्ज

संवेद जैन@ दमोह।अपनी गलती और कार्यप्रणाली को छिपाने के लिए रेलवे द्वारा बेकसूर लोगों पर ही मामला दर्ज कराए जा रहे हैं। पिछले माहों में एक दर्जन से अधिक मामले वाहन चालकों पर दर्ज किए जा चुके है, जिसमें उनकी कोई गलती ही नहीं थी।

दरअसल, मलैया मील रेलवे फाटक से निकलने वाले अधिकांश वाहन के चालक रेलवे की जमीन में बनी सड़क खराब होने से परेशान है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने के अलावा सड़क पूरी तरह ऊबड़-खाबड़ हो चुकी है। ऐसे में टनों माल भरकर भारी वाहन इस खराब मार्ग से बमुश्किल निकल पाते है। रेलवे फाटक के दोनों ओर रेलवे की जमीन पर ही यह सड़क खराब है।
फाटक के दोनों ओर अधिक धचक्कों के कारण कई वार वाहनों के एक्सल, पट्टा टूटने जैसे मामले सामने आ जाते है और वाहन बीच में ही फंसकर रह जाता है। इस स्थिति में रेलवे द्वारा ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाती है, जबकि इसमें रेलवे की गलती होती है। जिसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।

भारी वाहन निकलने एकमात्र रास्ता
दमोह से पथरिया, छतरपुर, टीकमगढ़, सीमेंट फैक्ट्री सहित अन्य स्थानों पर पहुंचने से पहले भारी वाहनों को मलैया मील रेलवे फाटक से गुजरना पड़ता है। यह एकमात्र रास्ता है जहां से सभी भारी वाहन निकलते है। इसके अलावा छोटे वाहनों का भी भारी ट्राफिक रहता है। टे्रनों की आवाजाही में रेलवे गेट भी बार-बार बंद रहता है, इस स्थिति में फाटक खुलते ही हर कोई दूसरी पार पहुंचने का जल्द प्रयास करता है, लेकिन इस सब के बीच फाटक के दोनों ओर के बड़े-बड़े गड्ढ़ों से उन्हें निकलना पड़ता है। जिससे वाहन फंसने के मामले सामने आते है।

छोड़ दिया गया सड़क का हिस्सा
मलैया मील रेलवे फाटक पर मात्र रेलवे की जमीन यानि करीब 100 मीटर जगह पर ही सड़क समतल नहीं है। जबकि तीन गुल्ली से लेकर फाटक के पास और दूसरी तरह फाटक के पास से आगे तक पूरे सड़क मार्ग का निर्माण हाल ही में पीडब्ल्यू द्वारा कराया गया है, लेकिन रेलवे फाटक के पास का निर्माण नहीं कराया गया है, जिसका कारण अनुमति नहीं मिलना है। जो अब वाहन चालकों की मुसीबत का कारण बन रहा है।

कोई सुनवाई नहीं होती साहब
मामले में भारी वाहन चालकों से बात की गई, जिसमें सभी का लगभग एक जैसा ही जबाब सामने आया। चालकों का कहना है कि सड़क खराब होने के कारण कई बार वाहन खराब हो जाते है, ऐसे में उनकी ही गलती मानकर अपराध दर्ज कर दिए जाते है। इस दौरान उनकी कोई सुनवाई भी नहीं होती है। ट्रक चालक भीकम रैकवार, हल्ले अठ्या ने ऐसे मामलों में चालकों को राहत दिलाए जाने की बात कही।

यह है रेलवे के नियम
आरपीएफ थाना प्रभारी दीपचंद यादव ने बताया कि रेलवे फाटक से वाहन निकालते समय अगर चालक की लापरवाही से वाहन बंद हो जाता है तो धारा 160 और इसके कारण अगर ट्रेनें लेट होती हंै तो धारा 154, 74 के तहत प्रकरण बनाए जाते है। गेट या अन्य रेलवे सामग्री को लगकर जाने पर धारा 161 के तहत वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाती है। मलैया मील रेलवे फाटक पर ऐसे मामले अक्सर सामने आते रहते है। हर महीने एक से दो प्रकरण यहां दर्ज किए जा रहे है।

इनका कहना है-
रेलवे फाटक के पास सड़क का निर्माण जल्द ही कराया जाएगा। रेलवे द्वारा फिलहाल इसके लिए बजट सेंक्शन नहीं किया है,इसीलिए कार्य रुका है। आरपीएफ नियम के तहत कार्रवाई कर रहा है, इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं है।
राजेश तिवारी, संभागीय मंडल अभियंता दमोह

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