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कर्मचारी के आवास में आस्था के प्रिंसिपल ने जड़ा ताला

Updated: IST Eklavya old premises
एजुकेशन जावंगा सिटी स्थित आस्था गुरुकुल के प्रिंसिपल संतोष प्रधान ने एकलव्य कन्या परिसर के कर्मचारी विकास साय के आवास में ताला डाला दिया।

दंतेवाड़ा. एजुकेशन जावंगा सिटी स्थित आस्था गुरुकुल के प्रिंसिपल संतोष प्रधान ने एकलव्य कन्या परिसर के कर्मचारी विकास साय के आवास में ताला डाला दिया। जब कि यह आवास तत्कालीन एसडीएम हरेश मंडावी ने इसे आवंटित किया था।

कई महिनों तक रहने के बाद आस्था के प्रधानाचार्य को अपने अधिकारों की याद आई और उसके आवास में यह कहते हुए ताला डाला दिया कि संस्था आवासीय है। आस्था गुरुकुल में उसी का स्टॉफ रह सकता है। गैर संस्था को काई व्यक्ति यहां नहीं रह सकता है। इस कर्मचारी के आवास में उस दौरान तला डाला गया जब वह अपनी मां का इलाज कराने विशाखापट्नम गया था। जब वह वहां से लौट कर आया तो आवास में ताला लटका था। इस बात की शिकायत उसने वर्तमान एसडीएम दिलीप अग्रवाल से की। हालांकि वहां से भी कोई जबाब नही मिला है।

अब खड़े हो रहे है सवाल : प्राचार्य जिन नियम और कायदों का हवाला दे रहे हैं, उन पर खुद ने कभी अमल नहीं किया है। सेक्टर-7 में गैर संस्था के पांच लोग पहले से ही रहे रहे हैं। यदि आस्था के गुरुकुल का ही स्टाफ वहां रह सकता है, तो इन सभी पर मेहरबानी क्यों की जा रही है। इस परिसर में पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल से लेकर सक्षम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को मिला कर पांच लोग पहले से रह रहे हैं। केवल आस्था के परिसर में बने आवास में सिर्फ इसी कर्मचारी के लिए नियम बनाए गए। इन सभी बातों का जबाब देने से प्रिंसिपल कतरा रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि इस आवास को खाली करवा कर वह अपने नजदीकी एक व्यक्ति को देने की फिराक में हैं।

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आस्था गुरुकुल आवासीय परिसर में गैर संस्था का कर्मचारी नहीं रह सकता विगत चार माह से रह रहा था आस्था गुरुकु ल में रहने के लिए विकास साय को एसडीएम हरेश मंडावी ने एक अप्रैल को सेक्टर 8 के मकान नंबर-1 को एलॉट किया था।

अब साय के मकान में दो ताले के ऊपर ताला लटका है। अब राम साय को इस मकान में नहीं रहने दिया जा रहा है। प्रिंसिपल का कहना है कि आस्था से जुड़े फैसले लेने का अधिकार उनका है। इधर किसी अधिकारी का हस्तक्षेप नहीं हो सकता है।

दिलीप अग्रवाल, एसडीएम : इस तरह का तीन चार दिन पहले शिकायत आई थी। इसमें असलियत क्या है और नियमानुसार एलॉट हुआ है कि नहीं पता करता हूं। इसके बाद ही कुछ बता पाऊं गा।

संतोष प्रधान, प्राचार्य आस्था गुरुकुल : आस्था गुरुकुल में किसी अधिकारी का हस्तक्षेप नहीं है। यहां के प्राचार्य के पास उसके अधिकार हैं। आवास में ताला लगाया गया है, क्योंकि वह गैर संस्था का है। बच्चों के आवासीय परिसर में साथ नहीं रह सकता है। कलक्टर को इस मामले का सूचित करवाएगेें। उनके मार्गदर्शन के बाद आगे कुछ होगा।

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