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फ्लिपकार्ट की तर्ज पर सरकारी खरीद के लिए पोर्टल लाएगी केंद्र

Updated: IST delhi news
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के तहत मोदी सरकार ने अब सरकारी खरीद के लिए अमेजन और फ्लिपकार्ट की तरह ही ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल लाने का फैसला किया है

नई दिल्ली. भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के तहत मोदी सरकार ने अब सरकारी खरीद के लिए अमेजन और फ्लिपकार्ट की तरह ही ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल लाने का फैसला किया है। अब तक केंद सरकार व राज्य सरकारें खरीदारी के लिए टेंडर मंगाती रही हैं। जिसमें उत्पादों के मूल्य में हेरा-फेरी की गुंजाइश रहती है और भ्रष्टाचार को हवा मिलती है।

माना जा रहा है कि ऑनलाइन पोर्टल से सरकारी खरीद के सिस्टम के जरिए भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। ऑनलाइन सरकारी खरीद का यह पोर्टल, अमेजन, फ्लिपकार्ट या अन्य ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल की तरह ही होगा। इस पर विक्रेता अपने उत्पादों की तस्वीर और मूल्य अपलोड करेंगे। पोर्टल पर उनका उचित मूल्य होगा। इससे खरीद में हेरा-फेरी नहीं हो सकेगी। नोटबंदी के बाद कैशलेस सोसायटी बनाने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

होगा प्राइस कंपेरिजन

पोर्टल पर प्रोडक्ट के साथ विस्तार से उसकी विशेषताएं भी लिखी होंगी। प्रोडक्ट का ऑनलाइन प्राइस कंपेरिजन भी होगा। पोर्टल में कोई भी अपने मोबाइल व आधार नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन और अपने प्रोडक्ट की लिस्टिंग कर सकेगा।

बिचौलियों पर लगेगी लगाम

भारत सरकार कागज से लेकर कार और रक्षा सौदे टेंडर के तहत करती आई है। जिससे बिचौलियों को दलाली करने का अवसर मिल जाता है। कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए उत्पाद की कीमत बढ़ा दी जाती है। जिसकी एवज में बिचौलिये बड़ा कमिशन प्राप्त करते हैं। कुछ रक्षा सौदों में नौकरशाहों और राजनेताओं का नाम भी उजागर हो चुका है। ऐसे में यदि यह व्यवस्था लागू की जाती है, तो भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकती है।

जीडीपी का 20 फीसदी

नोटबंदी के फैसले से पूर्व ही ऑनलाइन मार्केट में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता रहा है। इस अगस्त से अब तक ऑनलाइन मार्केट 39 करोड़ रुपए का कारोबार कर चुकी है।

ऐसे में सरकारी पोर्टल आने के बाद नई क्रांति आने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस के आने के बाद इसकी हिस्सेदारी जीडीपी की 20 फीसदी होगी।

हालांकि यह तभी संभव है जब राज्य सरकारों, राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों, रक्षा और रेल मंत्रालय के लिए ऑनलाइन खरीदी जरूरी कर

दी जाएगी।

कितने तैयार राज्य

मध्यप्रदेश

1,58,713 करोड़ की सरकारी खरीद सालाना

राज्य के किसी भी विभाग में पूर्णत: ऑनलाइन खरीद का सिस्टम नहीं है।

सरकारी खरीद भी ऑनलाइन करने से पहले सवर्र को दुरुस्त करना होगा।

छत्तीसगढ़

2841.28 करोड़ रुपए की राशि बजट में रखी गई थी सरकरी खरीदी के लिए

भौगोलिक स्थिति व माओवाद बड़ी समस्या

कर्मचारियों को तकनीकी रूप से तैयार करने में भी दिक्कत आएगी।

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