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जानिए क्यों इतिहास में दर्ज हुआ झारखंड पुलिस प्रशासन

Updated: IST jharkhand police
झारखंड पुलिस के इतिहास मे 30 नवंबर को नया इतिहास बना। एक अधिकारी को रिटायरमेंट से महज तीन घंटे पहले डीएसपी के पद पर प्रोन्नति मिली...

रांची। झारखंड पुलिस के इतिहास मे 30 नवंबर को नया इतिहास बना। एक अधिकारी को रिटायरमेंट से महज तीन घंटे पहले डीएसपी के पद पर प्रोन्नति मिली। उनकी बाकायदा र्पोंस्टग भी हुई। इस अधिकारी को पेंशन में इसका लाभ मिलेगा। अधिकारी का नाम दिनेश पासवान है।

पासवान को इंस्पेक्टर से डीएसपी के रूप में प्रोन्नति मिली थी, लेकिन उनकी र्पोंस्टग नहीं हुई थी। उन्हें 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होना था। अगर सरकार उन्हें डीएसपी के रूप में पदस्थापित नहीं करती, तो पेंशन में इसका लाभ नहीं मिलता।

शाम होने से पहले पुलिस मुख्यालय ने पासवान को डीएसपी के रूप में पदस्थापित कर दिया। सब कुछ नियमानुसार हुआ। पदस्थापन की फाइल पर मुख्यमंत्री रघुवर दास के हस्ताक्षर हुए। फिर मुख्य सचिव और गृह सचिव के हस्ताक्षर के बाद अवर सचिव राजेश कुमार को दिया गया। उस समय करीब दो बज चुके थे। पासवान को रांची में पीसीआर डीएसपी के पद पर पदस्थापित किया गया। तबादले का आदेश तो निकल गया, लेकिन रांची में पीसीआर डीएसपी मधु कच्छप को वहां से बदलने का कोई आदेश नहीं निकला। पासवान के पास समय कम था। करीब तीन बजे दिन में पासवान के पदस्थापन और नए स्थान पर योगदान का आदेश पुलिस मुख्यालय ने दिया। मूवमेंट ऑर्डर निकलने के बाद उसे रांची जिला पुलिस को भेजा गया।

पहले से पदस्थापित थे, कैसे होता योगदान: पासवान को जहां भेजा गया था, वहां पहले से डीएसपी पदस्थापित थे। पुलिस मुख्यालय ने तुरंत इसका रास्ता निकला। पीसीआर डीएसपी को पुलिस मुख्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिया गया। इस तरह डीएसपी का पद रिक्त कराया गया।

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