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  घर-घर जलेंगे दीप

Updated: IST Dewas
नर्मदा सेवा यात्रा... देवास में पीपरी से 8 मार्च को प्रवेश करेगी सेवा यात्रा, प्रभारी मंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा

देवास. नर्मदा सेवा यात्रा 8 मार्च को पीपरी, बागली से देवास जिले में प्रवेश करेगी। पूरे जिले को सेवा यात्रा के स्वागत के लिए दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। 12 दिन में यात्रा 3 विकासखंडों के 30 गांवों में होकर गुजरेगी। यात्रा के स्वागत में घरों में दीपक जलाकर मां नर्मदा की आरती की जाएगी। यही नहीं, 30 गांवों के हर घर में तुलसी के पौधे रोपे जाएंगे। करीब 51 हजार तुलसी के पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नेमावर में जनसंवाद करेंगे। इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मां नर्मदा के संरक्षण को लेकर आयोजित की जा रही इस यात्रा को लेकर उत्साह दिख रहा है। गुरुवार को प्रभारी मंत्री सुरेंद्र पटवा देवास पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के साथ मिलकर नेमावर में यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। 20 मार्च को नर्मदा सेवा यात्रा देवास के गांव पीपलनेरिया से सीहोर में प्रवेश कर जाएगी।
नर्मदा संरक्षण व स्वच्छता पर रहेगा जोर
नर्मदा यात्रा का मुख्य उद्देश्य मां नर्मदा का संरक्षण व गांवों को स्वच्छता अभियान से जोडऩा है। इसके लिए 30 गांवों में स्वच्छता अभियान चलाकर हर घर में शौचालय निर्माण व स्वच्छता को बढ़ावा दिया जाएगा। जिला प्रशासन समाज के अनेक वर्गों से सहयोग लेकर काम कर रहा है।
नेमावर. जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र पटवा ने गुरुवार को नेमावर और बीजलगांव पहुंच कर नर्मदा सेवा यात्रा की तैयारियां देखी। जाट धर्मशाला नेमावर में नर्मदा सेवा समिति की बैठक में उन्होंने जिले की तैयारियों पर संतोष जताया। कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने सिलसिले वार हुए कार्यों की जानकारी बैठक में दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष व जिले में नर्मदा सेवा यात्रा के प्रभारी रायसिंह सेंधव, विधायक आशीष शर्मा, दौलत तंवर, राजेश यादव, बलराम दावठा, जनपद अध्यक्ष गुलाब टांडा, गोपीकृष्ण व्यासए बहादुर मुकाती सहित जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
नर्मदा के किनारे लगाएंगे फलोद्यान
नर्मदा नदी के दोनों तटों से एक-एक किमी की दूरी तक पौधारोपण अभियान के रूप में शुरू हो गया है। यह काम महात्मा गांधी नरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर उनकी पात्रता के अनुसार किया जाएगा। इसे सहयोग हरियाली कार्यक्रम के तहत कराया जाएगा। निजी भूमि पर फल उद्यान के लिए परियोजना अवधि 03 वर्ष होगी। प्रति एकड़ एक परिवार के लिए एक वर्ष में 100 मजदूर दिवस तक मजदूरी के लिए भूमि स्वामी के परिवार के सदस्यों को जोड़ा जाएगा। अगर भूमि एक एकड़ से ज्यादा होगी तो 100 मजदूर दिवस से अधिक वह और लोगों को इससे जोड़ सकेगा। इसका क्रियान्वयन उद्यानिकी विभाग करेगा।
नर्मदा संरक्षण के लिए यह भी
नर्मदा किनारे के सभी गांवों में फलदार व छायादार पौधों का रोपण व संरक्षण।
हर एक गांव में एक हेक्टेयर भूमि पर नर्मदा वन विकसित करना होगा।
नर्मदा घाटों की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण करना।
प्रत्येक घर में शौचालय एवं ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम का संचालन।
गांवों की समस्त गलियों को कीचड़ मुक्त रखने के लिए प्रयास करना।
गांवों में मुक्तिधाम का निर्माण कराना।
नशा मुक्ति का अभियान चलाने के लिए समितियों का अलग से गठन करना।
किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करना।

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