Patrika Hindi News

कड़ाके की ठंड से फसलों को नुकसान

Updated: IST Dewas
पाला गिरने से फूल मुरझाए, जले, छोटे दाने, रात का पारा 1.2 डिग्री लुढ़का, 7.4 न्यूनतम डिग्री

देवास. दिनभर सर्द हवा से लोग परेशान होते रहे। तेज धूप में बैठने के बाद भी लोगों की सर्दी कम होने का नाम नहीं ले रही थी, क्योंकि हवा काफी ठंडी चल रही थी। जिले में दो दिन की ठंड के साथ गुरुवार रात में गिरे पाले की वजह से करीब 20 फीसदी फसलों में नुकसान पहुंचा है। यह नुकसान उन फसलों में हुआ है, जिसमें फूल खिल रहे हैं या दाना भराई हो रही है। उत्तर भारत में लगातार हो रही बर्फबारी व आ रही हवा की वजह से ठंडक महसूस की जा रही है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने दिनभर गर्म कपड़े पहने और रात में अलाव का सहारा लिया। शुक्रवार को दिन में लुढ़के 0.3 डिग्री पारे से लग रहा है कि रात का पारा अधिक गिरेगा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.1 व न्यूनतम 7.4 डिग्री रहा। गुरुवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही और रात का पारा 1.2 डिग्री तक लुढ़क गया। जिस तरह से ठंड गिर रही है, उससे लगता है कि न्यूनतम पारा 6 डिग्री तक पहुंच गया होगा, लेकिन जिला अस्पताल की बड़ी बिल्डिंग के पास लगे तापमापी में तापमान सही दर्ज नहीं हो पा रहा है।
हाटपीपल्या. चार दिन से क्षेत्र में तेज ठंड और कोहरे से ग्राम बिलावली में ओमप्रकाश सोलंकी की डेढ़ बीघा जमीन में लगाई मटर, 5 बीघा के गेहूं जल गए हैं। बर्फ जमने से बटर की फलियों में दाने सफेद हो गए हैंं।
बागली. आलू, गेहंू, चना व मसूर फसल करीब-करीब पकने वाली थी और पाला गिरने से उनमें नुकसान हो गया है। बेहरी क्षेत्र के 100 से ज्यादा हैक्टेयर में डॉलर चना फसल और उतने ही रकबे में आलू की फसल को नुकसान हुआ है। किसान मुकेशगिरी गोस्वामी, रामचंद्र दांगी, कचनसिंह दांगी, राधेश्याम जाट, लीलाधर जाट आदि ने बताया कि तापमान में गिरावट के साथ चल रही हवाओं ने फसल बर्बाद कर दी है। कृषि विस्तार अधिकारी सुरेद्रसिंह उदावत ने बताया कि मेड़ के साथ-साथ बीच खेत में सुरक्षित रूप से धुआं करें, जिससे फसल को नुकसान नहीं होगा।
नेवरी. नेवरी, रोजड़ी, महुखेड़ा, सेतखेड़ी, कजलीवन, पत्थर गुराडिय़ा, शिवपुर मुंडला, बोरखेड़ा आदि ग्रामों में गुरुवार रात में गिरी ठंड ने फसलों में नुकसान कर दिया है। रोजड़ी के पूर्व सरपंच चंदरसिंह राजपूत व बोरखेड़ा के गुलाबसिंह ने बताया कि क्षेत्र में दो दिनों से कड़ाके की ठंड चल रही है। शुक्रवार सुबह शीतलहर का इतनी थी कि खेतों में बर्फ जम गई।
नेवरीफाटा. ग्राम सहित आसपास के गांव नराना, खोनपीपल्या, महुड़ी, सरसोदा, गुनाई में शीतलहर चलने से फसल आड़ी पड़ गई। आलू की फसल जल गई। नराना के किसान भादरसिंह चावड़ा सुबह खेत पर पहुंचे और आलू फसल को देखकर रो दिए।
कुसमानिया. पिछले तीन दिन से चल रही शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बस स्टैंड पर यात्री दिनभर धूप तलाश कर बैठे रहे। अधिकतर दुकानों के सामने व्यापारियों ने स्वयं ग्राहकों के लिए अलाव जलाए थे। शाम होते ही बाजार में सन्नाटा छाने लगा।
इकलेरा. तीन दिन की शीतलहर के साथ गिरे पाले ने क्षेत्र में सबकुछ चौपट कर दिया है। आलू, चना फसल नष्ट हो गई। ग्राम इकलेरा व कल्लुखेड़ी गांव में करीब 50 फीसदी किसानों ने आलू की खेती की है, जिसमें बहुत नुकसान हुआ है। किसान विक्रमसिंह ने के 10 बीघा के आलू जल गए। पास के गांव मुंडलादांगी, इलासखेड़ी, किंदूरिया आदि गांव में फसलें नष्ट हो गई।
टोंककलां. गुरुवार रात में पाले के साथ गिरी ठंड से पौधों पर बर्फ जम गई, जिससे रबी फसलों में नुकसान हुआ है। किसान जसंवतसिंह, बलदेवसिंह गुर्जर, हुकुमसिंह पटेल, टेकचंद्र पटेल आदि ने बताया कि तीन दिन की ठंड ने बहुत नुकसान कर दिया। ग्राम कलमा, रंधनखेड़ी, रतनखेड़ी, फतनपुर, चिड़ावद, पाड़ल्या आदि गांव में नुकसान हुआ है।

अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???