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नोटबंदी से एक और नई मुसीबत, अब सैलरी निकालने बैंकों में लगी भीड़

Updated: IST Note ban new rules of withdrawl
मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला किए जाने के बाद से लेकर अब तक शहर के सभी 27 बैंकों और जिले की 93 बैंक शाखाओं में नगदी की आपूर्ति की कमी बनी हुई है

धमतरी. मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला किए जाने के बाद से लेकर अब तक शहर के सभी 27 बैंकों और जिले की 93 बैंक शाखाओं में नगदी की आपूर्ति की कमी बनी हुई है। बताया गया है कि बैंक प्रबंधन द्वारा लगातार 100 रुपए और 2 हजार की करेंसी की डिमांड की जा रही है, लेकिन डिमांड के अनुरूप बैंकों में रकम सप्लाई नहीं हो रहा है। यही कारण है कि ग्राहकों के हाथों में चिल्हर की कमी बनी हुई है। उधर केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के नए आदेश के बाद शहर समेत जिले के सभी बैंक शाखाओं में शासकीय और अर्धशासकीय कर्मचारियों को वेतन देने के लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था की गई है।

पत्रिका ने गुरूवार को स्टेट बैंक, एचडीएफसी, सेंट्रल बैंक समेत 5 बैंकों का जायजा लिया, जहां सुबह से ही वेतन लेने के लिए शासकीय कर्मचारियों को लाइन में लगना पड़ रहा था। नाम न छापने की शर्त पर एक शासकीय कर्मचारी ने बताया कि नोटबंदी के ऐलान के बाद से शासकीय दफ्तरों में अचानक काम का बोझ बढ़ गया है। महिना समाप्त होते ही रकम की जरूरत है, ऐसे में सुबह से ही लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

खाता में होगा पेंमेंट

श्रम अधिकारी श्रद्धा केशरवानी ने चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष को पत्र प्रेषित कर दुकान में कार्यत कर्मचारियों को माह नंवबर का वेतन उनके बैंक खाता में जमा करने के लिए कहा है। उन्होंने कार्यरत कर्मचारियों का नाम, पता और बैंक एकांउट और आधार नंबर श्रम कार्यालय में शीघ्र ही जमा करने के लिए कहा है। यहीं नही जिनका खाता नहीं है, उन्हें तत्काल नया खाता खुलवाने का निर्देश दिया है।

नहीं हो रही आपूर्ति

सूत्रों के अनुसार बैंक प्रबंधन ने 100 रूपए की करेंसी और 5 सौ की करेंसी के लिए आरबीआई को करोड़ों रूपए का डिमांड पत्र भेजा है, लेकिन वहां से रकम जारी नहीं होने के कारण जिले के 72 एटीएम में से केवल 5 एमटीएम ही चालू हैं। शेष बंद पड़े है। यही कारण है कि लोगों को चिल्हर के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर काटना पड़ रहा है।

100 रूपए और 5 सौ और 2 हजार करेंसी के लिए आरबीआई को पत्र लिखा गया है, लेकिन डिमांड के बाद भी मात्र 30 प्रतिशत रकम ही उपलब्ध कराया जा रहा है। रायपुर, दुर्ग समेत लोकल स्तर के बैंकों के साथ मिलकर रकम की पूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है।

एसपी अग्रवाल, जीएम स्टेट बैंक

श्रम अधिकारी का पत्र प्राप्त हुआ है। सभी कर्मचारियों का खाता खुलवाया गया है। हालांकि इसमे व्यवहारिक दिक्कतें आएगी, जिसका मिल-बैठकर हल निकाला जाएगा।

नरेन्द्र रोहरा, जिलाध्यक्ष चेम्बर ऑफ कामर्स

नगदी की कमी होने के कारण एटीएम में व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो पाया है। रकम की डिमांड आरबीआई से की गई है। शासकीय और अर्धशासकीय कर्मचारियों की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।

अमित रंजन, लीड बैंक अधिकारी

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