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आश्चर्य...ऊंचाई बढऩे पर भी प्रभावितों की संख्या कम...

Updated: IST Dhar
पहले बांध की ऊंचाई कम थी तो प्रभावित ज्यादा, उंचाई

मनावर. सरदार सरोवर बांध से प्रभावित लोग अब नई बातों से परेशान है। बांध की ऊंचाई के साथ प्रभावितों की संख्या कम हो गई। दूसरी ओर अब तक प्रभावितों को प्लाट ही नहीं मिल पाए है। इससे वे अपना आशियाना नहीं बना पा रहे हैं।

उचित पुनर्वास को लेकर सेमल्दा, पेरखड, एक्कलबारा, कवठी, गोपालपुरा, गांगली के डूब प्रभावितों का क्रमिक अनशन का सोमवार को नौवां दिन रहा। प्रभावितों का कहना है कि बांध की ऊंचाई 121.92 मीटर थी, जब डूब प्रभावितों की संख्या अधिक थी। अब बांध की ऊंचाई बढ़ा कर 138 .34 मीटर कर दी गई है, जिसमें डूब प्रभावितों की संख्या कम हो गई, जबकि डूब प्रभावितों की संख्या अधिक होनी चाहिए थी। अप्रशिक्षित अधिकारियों द्वारा हाल ही में प्रभावित ग्रामों की डंपिंग की गई तो उसमें डूब प्रभावितों की संख्या और कम हो गई। वहीं प्रभावितों का कहना है कि कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा 27 मई को पुनर्वास स्थलों का निरीक्षण किया गया था और डूब प्रभावितों ने उन्हें अपनी समस्याओं से भी अवगत करवाया था, लेकिन आज भी उन स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

कई जगहों पर पुनर्वास विभाग द्वारा प्लाट आवंटित नहीं किए गए हैं तथा जहां प्लाट आवंटित किए गए हैं वहां एक ही प्लाट को दो से तीन व्यक्तियों को दे दिया गया हैं। एक्कलबारा पुनर्वास स्थल पर आज भी खेती हो रही है। कलेक्टर को पुर्नवास स्थल पर ले जाकर वह खेत दिखाया था तथा कलेकटर ने अधिकारियों को निर्देशित भी किया था कि प्रभावितों को प्लाट आवंटित करें एवं खेत से अतिक्रमण हटाएं। बावजूद इसके आज भी वहां पर फसल लगी है। एक्कलबारा के राजेश पटेल, संग्राम सिंह तोमर, विक्रम तोमर ने बताया कि आज तक यहां से अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। सरकार एवं जिला प्रशासन सिर्फ लोगों को हटाने के लिए तत्पर है लेकिन उन्हें बसाया कैसे जाए इसके बारे में किसी को चिंता नहीं है। अगर हमें मई माह में प्लाट आवंटित कर देते तो हम यहां कब के बस जाते। प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ पुर्नवास स्थलों पर जाकर कितना निर्माण हुआ है और कितना और कर सकते हैं उसी में लगे हुए हैं।

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