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आज पुष्य नक्षत्र में बन रहा है शुभ योग, इन कामों को करने से होगा फायदा

Updated: IST aaj ki kundli
नवमी तिथि में मद्यनिर्माण, जुआ, आखेट, बंधन, विग्रह व अभिघातादिक कार्य सिद्ध होते हैं

नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रात: 10.04 तक, तदन्तर दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि रहेगी। नवमी तिथि में मद्यनिर्माण, जुआ, आखेट, बंधन, विग्रह व अभिघातादिक कार्य सिद्ध होते हैं। शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं। दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

नक्षत्र: पुष्य 'क्षिप्र व उर्ध्वमुख' संज्ञक नक्षत्र रात्रि 10.52 तक, तदन्तर अश्लेषा 'तीक्ष्ण व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र रहेगा। पुष्य नक्षत्र में विवाह को छोड़कर सभी चर-स्थिर कार्य, शांति, पुष्टता व उत्सव सम्बंधी कार्य शुभ कहे गए हैं। अश्लेषा नक्षत्र में साहसिक कार्य और उपनयनादिक कार्य करने योग्य हैं। अश्लेषा गण्डांत मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। अत: इसमें जन्मे जातकों की नक्षत्र शांति करा लेना हितकर रहेगा।

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योग: सुकर्मा नामक योग दोपहर बाद 1.58 तक, तदन्तर धृति नामक योग रहेगा। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग सम्पूर्ण दिवारात्रि तथा ज्वालामुखी नामक अशुभ योग रात्रि 10.52 से। करण: कौलव नामकरण पूर्वाह्न 10.04 तक, इसके बाद तैतिलादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी सन् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : बसन्त

मास : चैत्र। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज पुष्य नक्षत्र में उपनयन, विपणि व्यापारारम्भ, नामकरण, अन्नप्राशन व हलप्रवहणादि के दशमी तिथि में शुभ मुहूर्त हैं।

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श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 9.23 तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न 10.56 से दोपहर 12.30 तक शुभ तथा अपराह्न 3.36 से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहूर्त शुभ कार्यों में वर्जित हैं।

व्रतोत्सव: बसन्त नवरात्रा समाप्त, मेला महावीरजी प्रारंभ तथा स्वामी नारायण जयंती है।

दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज कर्क राशि के चंद्रमा का वास उत्तर दिशा की यात्रा में सम्मुख रहेगा। यात्रा में सम्मुख चंद्रमा धनलाभ कराने वाला व शुभप्रद माना गया है।

चंद्रमा: चंद्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि कर्क राशि में रहेगा।

राहुकाल: दोपहर 12.00 से दोपहर बाद 1.30 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (हे,हो,डा,डी,डू) आदि अक्षरों में रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि कर्क तथा पाया रजत है। सामान्यत: ये जातक धनवान, दानी, प्रतिभावान, धर्मकार्यों के ज्ञाता, परोपकारी, कलाकार, सुशील, होशियार, चतुर, कार्यदक्ष, सुन्दर और मेधावी होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 30 से 35 वर्ष की आयु तक होता है। कर्क राशि वाले जातकों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग रहेगा। विवाह योग्य जातकों के विवाह के प्रस्ताव मिलेंगे।

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