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आज शुभ कार्यों के लिए बन रहे हैं ये योग, आप भी ऐसे लाभ उठाएं

Updated: IST aaj ki kundli
दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि अन्तरात्रि 4.55 तक, तदुपरान्त एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि रहेगी

दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि अन्तरात्रि 4.55 तक, तदुपरान्त एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि रहेगी। दशमी व एकादशी तिथियों में यथा आवश्यक समस्त शुभ व मांगलिक कार्य विवाह, प्रतिष्ठा, देवकार्य, उपनयन, वास्तु, यात्रा, प्रवेश, मांगलिक और व्रतोपवास आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

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नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि 2.36 तक, तदुपरान्त शतभिषा नक्षत्र रहेगा। दोनों ही 'चर व ऊर्ध्वमुख' संज्ञक नक्षत्र है। जिनमें मुण्डन, जनेऊ, सवारी, गृहारम्भ, प्रवेश, देवप्रतिष्ठा, बाग-बगीचा, पशु व अलंकारादिक कार्य शुभ रहते हैं।

योग: शुभ नामक योग दोपहर बाद 1.10 तक, तदन्तर शुक्ल नामक योग है। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: महापात सायं 4.45 से रात्रि 11.35 तक है। इस पात में शुभ कार्य यथासंभव वर्जित रखने चाहिए। करण: वणिज नामकरण सायं 4.55 तक, तदन्तर भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण रात्रि 4.55 तक, इसके बाद बवादि करण प्रारम्भ हो जाएंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी संवत् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : ग्रीष्म

मास : वैशाख। पक्ष - कृष्ण।

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शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्रादि के अनुसार आज धनिष्ठा नक्षत्र में उपनयन के अशुद्ध (तिथि त्याज्य), गृहारम्भ व गृहप्रवेश के (केतुयुति दोषयुक्त), क्रय-विक्रय, वाहन, मशीनरी, कर्णवेध, नामकरण, अन्नप्राशन, द्विरागमन, चौल, मुण्डन, वधूप्रवेश, विद्यारम्भ, कूपारम्भ व हलप्रवहण आदि के भद्रापूर्व शुभ मुहूर्तादि हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से पूर्वाह्न 10.49 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत, दोपहर 12.26 से दोपहर बाद 2.02 तक शुभ तथा सायं 5.14 से सूर्यास्त तक चर के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12.00 से दोपहर 12.51 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज से राष्ट्रीय वैशाख मास प्रारम्भ हो गया। मुनि सुब्रतनाथ जयंती (जैन) तथा पंचक प्रारम्भ दोपहर बाद 2.20 से। दिशाशूल: शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार दोपहर बाद 2.20 तक दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ है। इसके बाद पश्चिम दिशा की यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा लाभदायक है। चन्द्रमा: चन्द्रमा दोपहर बाद 2.20 तक मकर राशि में, इसके बाद कुम्भ राशि में रहेगा। राहुकाल: प्रात: 10.30 से दोपहर 12.00 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ग,गि,गु,गे,गो) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। दोपहर बाद 2.20 तक जन्मे जातकों की जन्म राशि मकर व इसके बाद जन्मे जातकों की राशि कुम्भ है। इनका जन्म का नक्षत्र पाया ताम्र है, जो शुभ फल देने वाला है। सामान्यत: ये जातक धनवान, धर्मपरायण, माता-पिता, गुरु व संतों की सेवा करने वाले, रागविद्या में रुचि रखने वाले होते हैं। इनके 15, 23 व 29वें वर्ष शुभ नहीं रहते। मकर राशि वाले जातकों को आज सुख-सुविधा की वस्तुओं पर व्यय करना पड़ सकता है।

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