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आज सभी कार्यों के लिए बना शुभ योग, आप भी लाभ उठा सकते हैं

Updated: IST aaj ki kundli
सप्तमी में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य शुभ हैं

षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि रात्रि 10.32 तक, तदुपरान्त सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। षष्ठी तिथि में काठ की दातुन, यात्रा, उबटन व चित्रकारी आदि विषयक कार्यों को छोड़कर समस्त शुभ व मांगलिक कार्य, वास्तु और अलंकारादिक कार्य सिद्ध होते हैं। सप्तमी में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य शुभ हैं।

नक्षत्र: आर्दा 'तीक्ष्ण व ऊर्ध्वमुख' संज्ञक नक्षत्र प्रात: 6.37 तक, तदुपरान्त पुनर्वसु 'चर व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र अन्तरात्रि सूर्योदय पूर्व प्रात: 5.16 तक है। इसके बाद पुष्य नक्षत्र प्रारम्भ हो जाएगा। पुनर्वसु नक्षत्र में शांति, पुष्टता, उपनयन, अलंकार, घर, विद्या, सवारी व कृषि सम्बंधी कार्य करने योग्य हैं।

योग: धृति नामक योग रात्रि 10.17 तक, तदन्तर शूल नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। शूल नामक योग की प्रथम 5 घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: कुमार योग प्रात: 6.37 से रात्रि 10.32 तक, रवियोग>प्रात: 6.37 से अन्तरात्रि सूर्योदय पूर्व प्रात: 5.16 तक तथा सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग अन्तरात्रि प्रात: 5.16 से अगले दिन सूर्योदय तक है। करण: कौलव नामकरण पूर्वाह्न 11.41 तक, इसके बाद तैतिलादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी संवत् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : ग्रीष्म

मास : वैशाख। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज पुनर्वसु नक्षत्र में गृहारम्भ (नक्षत्र त्याज्य), द्विरागमन, नामकरण, कर्णवेध, विद्यारम्भ तथा हलप्रवहणादि के शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 7.30 तक अमृत, प्रात: 9.08 से प्रात: 10.46 तक शुभ तथा दोपहर बाद 2.02 से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11.58 से दोपहर 12.50 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज श्री रामानुजाचार्य जयंती, विश्व मजदूर दिवस व चन्दन छठ् (बंगाल में) है। दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी। चन्द्रमा: चन्द्रमा रात्रि 11.33 तक मिथुन राशि में, इसके बाद कर्क राशि में रहेगा। राहुकाल: प्रात: 7.30 से 9.00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (छ,के,को,ह,ही,हु) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। रात्रि 11.33 तक जन्मे जातकों की जन्म राशि मिथुन तथा इसके बाद जन्मे जातकों की राशि कर्क होगी। इनके जन्म रजत पाद से है। सामान्यत: ये जातक बुद्धिमान, विद्वान, शीतल स्वभाव, बहुमित्रों वाले, माता-पिता की सेवा करने वाले, काव्य प्रेमी और आनन्दमय जीवन जीने वाले होते हैं। कोई-कोई जातक कुछ अहंकार से ग्रसित भी होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 24 वर्ष के आस-पास होता है। मिथुन राशि वाले जातकों की आज अच्छे प्रभावशाली, राजा के सेवक या किसी राजनीतिक व्यक्ति से मुलाकात होगी, जो आगे लाभदायक सिद्ध होगी।

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