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आज चौदस को बना रवि योग, आपके इन कामों के लिए रहेगा बहुत ही शुभ

Updated: IST aaj ki kundli
चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि 1.08 तक, तदुपरान्त पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जाएगी

चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि 1.08 तक, तदुपरान्त पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि में शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित कहे गए हैं। पर किसी शुभ कार्यारम्भ के समय के लग्न में केन्द्र या त्रिकोण स्थान में कोई शुभ ग्रह स्थित हो तो रिक्ता तिथि का दोष परिहृत होकर शुभ कार्य के लिए मार्ग प्रशस्त हो जाता है। तब कार्य शुभ कहे गए हैं।

नक्षत्र: चित्रा 'मृदु व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र दोपहर 12.01 तक, तदन्तर स्वाति 'चर व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र है। चित्रा नक्षत्र में यथा आवश्यक शांति, पुष्टता, वास्तु, जनेऊ, अलंकारादिक कार्य और स्वाति नक्षत्र सभी प्रकार के चर-स्थिर कार्य व विवाहादि मांगलिक कार्य शुभ होते हैं। योग: सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग अपराह्न 3.34 तक, तदन्तर व्यतिपात नामक अत्यंत बाधाकारक अशुभ योग हैं। व्यतिपात योग में समस्त शुभ कार्य वर्जित हैं।

विशिष्ट योग: आज सूर्योदय से दोपहर 12.01 तक दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग है। रवियोग तिथि, वार, नक्षत्रजन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारम्भ के लिए मार्गप्रशस्त करता है। करण: गर नाम करण दोपहर 12.12 तक, तदन्तर रात्रि 1.08 तक वणिज नामकरण व इसके बाद भद्रा प्रारम्भ हो जाएगी।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी संवत् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : ग्रीष्म

मास : वैशाख। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : आज विवाह का चित्रा नक्षत्र में (कात्यायनोक्त) व स्वाति में (दिवालग्न) के शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: 9.05 से दोपहर बाद 2.02 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा अपराह्न 3.41 से सायं 5.20 तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11.57 से दोपहर 12.49 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज श्री नृसिंह जयंती व व्रत, छिन्नमस्ता जयंती, श्रीआद्य शंकराचार्य कैलाश गमन, गुरु अमरदास जयंती (प्राचीन मत से) तथा टैगोर जयंती (बंगाल में) है।

दिशाशूल: मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

चन्द्रमा: चन्द्रमा संपूर्ण दिवारात्रि तुला राशि में रहेगा।

राहुकाल: अपराह्न 3.00 बजे से सायं 4.30 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (री,रू,रे,रो) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि तुला तथा दोपहर 12.01 तक जन्मे जातकों का जन्म रजत पाद से व इसके बाद जन्मे जातकों का ताम्रपाद से जन्म है। चांदी के पाये और ताम्र पाद से जन्मे दोनों ही जातकों के लिए शुभ है। सामान्य रूप से ये जातक धनवान, कीर्तिवान, धर्मात्मा, शीतल स्वभाव, स्वाभिमानी, बुद्धिमान, साहसी, कलाकार, व्यापार व्यवसाय में निपुण तथा सर्वप्रिय होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 33 वर्ष की आयु तक होता है। तुला राशि वाले जातकों के परिवार में आमोद-प्रमोद व खुशी का वातावरण रहेगा। नये मित्रों का जुड़ाव होगा। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी।

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