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शुभ कार्य करने के लिए आज का दिन है सर्वोत्तम, आप भी इन मुहूर्त में करें मनचाहे काम

Updated: IST aaj ki kundli
अष्टमी जया संज्ञक तिथि पूर्वाह्न 11.21 तक, तदन्तर नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी

अष्टमी जया संज्ञक तिथि पूर्वाह्न 11.21 तक, तदन्तर नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी। अष्टमी तिथि में वैसे मनोरंजन के कार्य, रत्नपरीक्षण, विवाह, प्रतिष्ठा, वधू-प्रवेश व शस्त्रधारण आदि विषयक कार्य सिद्ध होते हैं। नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि में यद्यपि शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित कहे गए हैं। पर आज रामनवमी भी होने से शुभ कार्यों के लिए सवयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त है। अत: आज किये जाने वाले समस्त कार्य शुभ व सिद्ध होंगे।

नक्षत्र: पुनर्वसु 'चर व तिर्यंकमुख' नक्षत्र रात्रि 11.12 तक, तदन्तर पुष्य 'क्षिप्र व ऊर्ध्वमुख' संज्ञक नक्षत्र है। पुनर्वसु नक्षत्र में शांति, पुष्टता, यात्रा, अलंकार, घर व व्रतादि रखना शुभ रहता है। इसी प्रकार पुष्य नक्षत्र में सभी चर-स्थिर, शांति व उत्सवादि समस्त कार्य शुभ कहे हैं। योग: अतिगंड नामक नैसर्गिक अशुभ योग सायं 4.02 तक, तदन्तर सुकर्मा नामक नैसर्गिक शुभ योग हैं।

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विशिष्ट योग: आज रात्रि 11.12 से दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग है। जिसमें तिथि, वार, नक्षत्रजन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट करने की क्षमता है। करण: बव नामकरण पूर्वाह्न 11.21 तक, तदुपरान्त बालवादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी सन् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : बसन्त

मास : चैत्र। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : आज रामनवमी का स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त है। अत: पुनर्वसु नक्षत्र में विपणि-व्यापारारंभ, वाहन क्रय, मशीनरी प्रारंभ करना, प्रसूति स्नान व जलवा आदि के यथा आवश्यक शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: 9.24 से दोपहर बाद 2.02 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा अपराह्न 3.36 से सायं 5.08 तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12.05 से दोपहर 12.54 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज महाष्टमी व्रत-पूजन, दुर्गाष्टमी, अशोकाष्टमी, श्रीराम नवमी, (स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त), मेला रामनवमी, अन्नपूर्णा पूजा (बंगाल में), मेला मनसा देवी (हरियाणा में) तथा मेला बाहुफोर्ट (कश्मीर में) है।

दिशाशूल: मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। सायं 5.21 तक चंद्रवास पश्चिम में, तदन्तर कर्क राशि के चंद्रमा का वास उत्तर दिशा की यात्रा में सम्मुख रहेगा। यात्रा में सम्मुख चंद्रमा लाभदायक व शुभ होता है।

चंद्रमा: चंद्रमा सायं 5.21 तक मिथुन राशि में, इसके बाद कर्क राशि में रहेगा। राहुकाल: अपराह्न 3.00 बजे से सायं 4.30 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (को,ह,ही,हु,हे) आदि अक्षरों में रखे जा सकते हैं। सायं 5.21 तक जन्मे जातकों की राशि मिथुन तथा इसके बाद जन्मे जातकों की राशि कर्क है। सभी का जन्म रजतपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक धर्मात्मा, दानी, सत्यप्रिय, धनवान, गुणवान, पराक्रमी, कीर्तिवान, बुद्धिमान, विद्वान, शीतल स्वभाव और बहुमित्रों वाले होते हैं।

इनका भाग्योदय लगभग 24 वर्ष की आयु के बाद ही होता देखा गया है। मिथुन राशि वाले जातकों की आज अच्छे मित्रों से मुलाकात होगी। घर में निकटतम मेहमान के आने की संभावना है। दिन प्रसन्नता से भरा रहेगा।

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