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अन्तरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारम्भ

Updated: IST international yoga festival
इस अन्तरराष्ट्रीय योगपर्व में सम्पूर्ण विश्व के लगभग 100 देशों से 1200 प्रतिभागी ने सहभाग किया

उत्तराखंड में ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में आयुष मंत्रालय-भारत सरकार, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड, एवं गढ़वाल मण्डल विकास निगम द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 29वें वार्षिक विश्व विख्यात अन्तरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारम्भ आज राज्यपाल कृष्ण कांत पाल, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ड्रिकुगं काबगोन चेतसंग, पूज्य प्रेम बाबा, पूज्य शंकराचार्य दिव्यानन्द तीर्थ ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

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विश्व के विभिन्न देशों से योगाचार्य, योग जिज्ञासु, योग शिक्षक एवं विद्यार्थी इस कार्यक्रम में भाग लेने हेतु यहां आए हुए हैं। इस अन्तरराष्ट्रीय योगपर्व में सम्पूर्ण विश्व के लगभग 100 देशों से 1200 प्रतिभागी ने सहभाग किया। योग की कक्षाएं प्रात: 4 बजे से रात 9:30 बजे तक लगभग 70 से अधिक पूज्य संतों, योगाचार्यो एवं विशेषज्ञों द्वारा संचालित की जाएंगी जो विश्व के 20 से अधिक देशों से पधारे हैं।

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महोत्सव के उद्घाटन समारोह में तेलुगू और हिन्दी फिल्मों के अभिनेता रामचरण चिरंजीवी एवं उनकी बेटी उपासना ने भी सहभाग किया। माँ गंगा के तट पर'योग से संयोग' के इस विशिष्ट सत्र का निर्देशन कैलिफोर्निया अमरीका की प्रसिद्ध योगी लौरा प्लम्ब, किया मिलर, कैलिफोर्निया की प्रसिद्ध योगी टामी रोजेन एवं ऋषिकेश व वर्तमान में चीन के योगाचार्य मोहन भण्डारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर योगाचार्यो द्वारा भव्य योग नृत्य का प्रदर्शन किया गया तथा राजदूतों एवं योगाचार्यो को 'ट्री आफ योग' भेंट किया। वहाँ पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों को पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने 'व्यवहार में योग' का संकल्प करवाया।

उन्होंने महर्षि पंतजलि के आठों आयामों के विषय में जानकारी देते हुये कहा कि ये जीवन के हर पहलू से जुड़े है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति, प्रसार एवं प्राप्ति की अहम भूमिका होती है। यह स्वयं को जानने का माध्यम है। प्रत्येक वर्ष योग बसन्त के आगमन का स्वागत करता है। इस समय बहारें बलवती होती है, फिजा में खुशबू होती है। इस खुशनुमा मौसम में योग के प्रशिक्षु आते है। इससे स्पष्ट है योग प्रकृति के बहुत करीब है।

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