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जब कुछ भी खाने का न करे मन

Updated: IST
सुबह खाली पेट आंवले के रस में थोड़ा शहद डालकर पीना खाने में अरूचि को दूर करता है

अगर व्यक्ति की कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती, स्वादिष्ट भोजन करने पर भी स्वाद नहीं आता, रूचिकर पकवान देखकर भी खाने का मन नहीं करता और जबरदस्ती खिलाने पर उबकाई आने लगती है तो आयुर्वेद में इसे अरोचक रोग कहा जाता है। इस रोग की वजह से रोगी दिन-प्रतिदिन दुबला होता चला जाता है।

अरूचि के कारण

खानपान में अनियमितता, भूख ना लगने पर भी भोजन कर लेना, भूख से ज्यादा खाना, रात में देर से सोना, सुबह देर से उठना, शारीरिक श्रम बिल्कुल न करना, चिंता, तनाव या डिप्रेशन होना और मीठे खाद्य पदार्थो के ज्यादा सेवन से अरूचि हो सकती है। इनके अलावा पेट के रोग और अन्य समस्याओं में भी भोजन से अरूचि हो सकती है। जैसे- लिवर शोथ, खून की कमी, एसिडिटी, पेट में घाव, पीलिया, बुखार आदि।

घरेलू उपचार

यदि अरूचि लंबे समय से नहीं है, साथ ही कोई बड़ी शारीरिक या मानसिक रोग नहीं है तो घरेलू उपायों से आराम मिल जाता है-

1. छाछ में हींग और जीरे का तड़का लगाकर पीने से खाने में रूचि बढ़ती है।

2. नींबू के दो टुकड़े कर लें, इनमें सेंधा नमक लगा लें। इस टुकड़े को बार-बार चाटने से अरूचि की समस्या दूर होती है।

3. सुबह खाली पेट आंवले के रस में थोड़ा शहद डालकर पीना अरूचि में फायदेमंद होता है।

4. अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर नींबू के रस में भिगो दें, थोड़ा काला नमक डाल दें, भोजन से 15-20 मिनट पहले 3-4 टुकड़े अच्छी तरह चबा-चबाकर खाएं, कुछ दिन में अरूचि नष्ट होकर खुलकर भूख लगने लगेगी।

5. आयुर्वेद उत्पादों में चित्रकादि वटी, अग्नि टुण्डी वटी, दाडिमाष्टक चूर्ण, लवण भास्कर चूर्ण, हिंगवष्टक चूर्ण और द्राक्षावलेह आदि बहुत फायदेमंद हैं। यदि इन उपायों से आराम न आए या अरूचि लंबे समय तक बनी रहे, लगातार वजन भी कम हो रहा हो तो डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।

डॉ. मनोज गुप्ता डूमोली

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