Patrika Hindi News

खुद के अपहरण की रची थी साजिश, 2 साल बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

Updated: IST investigation
पुलिस को पता चला कि दुखन का अपहरण नहीं हुआ था। लोगों को फंसाने के लिए पिता ने ही झूठ का सहारा लिया था।

दुमका। काठीकुंड में खुद के अपहरण की पटकथा लिखने वाले तकरारपुर गांव के दुखन मिर्धा को पुलिस ने दो साल गिरफ्तार कर लिया। जरमुंडी से उसके मौसा के घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब गांव के 10 लोगों पर झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने वाले आरोपी के पिता बलराम मिर्धा की तलाश कर रही है।

जानकारी के अनुसार, अगस्त 14 में बलराम ने काठीकुंड थाना में बेटे दुखन के अपहरण के आरोप में गांव के 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। अनुसंधान के क्रम में पुलिस को पता चला कि दुखन का अपहरण नहीं हुआ था। लोगों को फंसाने के लिए पिता ने ही झूठ का सहारा लिया था।

पुलिस को पता चला कि दुखन बेंगलुरू कि किसी कंपनी में काम कर रहा है। थानेदार सचिन दास ने कंपनी के पदाधिकारियों से बात की और दुखन को घर भेजने को कहा। कंपनी ने मंगलवार को उसे घर के लिए भेज दिया और थानेदार को इसकी जानकारी दी।

पुलिस जसीडीह गई, लेकिन दुखन हाथ नहीं लगा। छानबीन के क्रम में पता चला कि दुखन जरमुंडी के ठाड़ी में अपने मौसा के घर है। पुलिस ने रात में दबिश देकर उसे धर दबोचा। इस पूछताछ के क्रम में उसने बताया कि उसका कोई अपहरण नहीं हुआ था। पिता के कहने पर घर से निकला।

थानेदार का कहना है कि झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है। पिता की भी तलाश की जा रही है।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें ! - BharatMatrimony
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???