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BSP में एक बटन की वजह से दो दिन बंद रही यूनिवर्सल रेल मिल, उत्पादन रहा ठप

Updated: IST BHILAI STEEL PLANT
बीएसपी प्रबंधन ने स्टोर में बटन तलाशा, लेकिन स्पेयर में नहीं मिला। इस बटन की वजह से गुरुवार को तीनों शिफ्ट मेंएवं शुक्रवार की शाम तक लांग रेल का उत्पादन ठप रहा।

भिलाई.जर्मनी की कंपनी एसएमएस मीर ने एक्सपांशन प्रोजेक्ट के तहत यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) का निर्माण किया है। बुधवार को यूआरएम में 30 नग लांग रेल का उत्पादन किया गया, इसके बाद शाम होते-होते यूआरएम से उत्पादन बंद हो गया। गुरुवार को कंपनी के अधिकारियों ने जांच करने के बाद बताया कि इलेक्ट्रिकल ड्राइव सेलेक्शन बटन में खराबी आई है। इसको बदलना होगा। यह कहते हुए अधिकारी लौट गए। बीएसपी प्रबंधन ने स्टोर में बटन तलाशा, लेकिन स्पेयर में नहीं मिला।

नहीं हुआ लांग रेल का उत्पादन

इस बटन की वजह से गुरुवार को तीनों शिफ्ट मेंएवं शुक्रवार की शाम तक लांग रेल का उत्पादन ठप रहा। बीएसपी के अधिकारी इसको लेकर पूरे दिन परेशान रहे। इसके बाद उन्होंने कंपनी से चर्चा की।यूआरएम में ही सीमेंट घोटाले को लेकर सीबीआई ने छापामारा था। अब करोड़ों की योजना में जिन मशीनों की आपूर्ति विदेशों से की गई है, उसमें इतने जल्दी किस तरह से दिक्कत आने लगी है। इससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके पहले रूस के सहयोग से बीएसपी को स्थापित किया गया था, उस समय लगाए उपकरण पचास वर्ष बाद भी उत्पादन दे रहे हैं और बीएसपी शीर्ष में है।

1200 करोड़ का यूआरएम

बीएसपी में नए यूआरएम की स्थापना 1200 करोड़ रुपए की लागत से की गई है। यह परियोजना सेल-भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण का हिस्सा है, जिसके तहत इसकी उत्पादन क्षमता 70 लाख टन सालाना तक बढ़ाने की है। नवंबर 16 से भिलाई स्टील प्लांट की नई यूनिवर्सल रेल मिल में दुनिया की सबसे लंबी रेल पटरियों का वाणिज्यिक स्तर पर उत्पादन शुरू किया। लांग रेल की आपूर्ति भारतीय रेल को की जाएगी, जिसका सेल के साथ लंबे समय से साझेदारी है। भारतीय रेल को केवल सेल से ही पटरियों की आपूर्ति की जाती है।

130 मीटर लंबी पटरी उत्पादन में सक्षम

भिलाई स्टील प्लांट सेल की एकमात्र इकाई है, जहां पटरियों का उत्पादन किया जाता है। पिछले दो वर्षों से रेलवे 260 मीटर लंबी पटरियों की मांग करती रही है। बीएसपी अपनी पुरानी इकाई से 65 मीटर लंबी पटरियों का उत्पादन कर उसे वेल्डिंग के जरिए जोड़कर रेलवे की मांग को पूरा करती रही है। लेकिन नई यूआरएम के शुरू होने से कंपनी अब 130 मीटर लंबी पटरी का उत्पादन करने में सक्षम हो गई है।

कंपनी को एनओसी नहीं दिया

अब उसे भारतीय रेल के लिए 260 मीटर लंबी पटरी की आपूर्ति केवल एक जोड़ (वेल्डिंग) के साथ कर सकती है। जनसंपर्क विभाग के एस दरीपा ने बताया कि बीएसपी में एक्सपांशन के तहत जो काम पूरे हो रहे हैं, उसमें अभी ट्रायल चल रहा है। कमीशनिंग के बाद उत्पादन शुरू होगा और जब तक प्रबंधन उससे संतुष्ट नहीं होता, तब तक काम कंपनी को एनओसी नहीं दिया जाएगा। वर्तमान में जो भी काम चल रहा है, वह ठेका कंपनी की देखरेख में हो रहा है।

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