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CSVTU: 67 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी, व्यापम को सौंपने पर चर्चा

Updated: IST CSVTU: 67 posts disturbances in recruitment proces
तकनीकी विश्वविद्यालय में 67 पदों की सीधी भर्ती की प्रकिया विवाद में पड़ गई है। इसमें धांधली को लेकर कार्यपरिषद बैठक में ही सवाल उठाए गए हैं।

भिलाई .छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में 67 पदों की सीधी भर्ती की प्रकिया विवाद में पड़ गई है। इसमें धांधली को लेकर कार्यपरिषद बैठक में ही सवाल उठाए गए हैं। बतौर सदस्य विधायक विद्यारतन भसीन ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सख्त एेतराज जताया है।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर संशय

उनकी आपत्तियों पर अन्य सदस्यों ने भी सहमति जताई है। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर संशय की स्थिति बन गई है। विधायक ने सुझाव दिया कि सीधी भर्ती में धांधली रोकने व पारदर्शिता के लिहाज से पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी व्यापमं को सौंपी जाए।

ईसी में नहीं रखा भर्ती का मुद्दा

कार्यपरिषद की बैठक के एजेंडा में सभी विषयों पर चर्चा हुई, लेकिन सीधी भर्ती की स्थिति या इससे जुड़ा कोई भी मुद्दा शामिल नहीं किया गया। विधायक ने ऐतराज जताते हुए पूछ लिया कि भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने विवि के पास क्या उपाए हैं। इस पर सभी अधिकारी मौन हो गए। पहले तो विधायक नाराज हुए फिर सभी सदस्यों के सामने अपनी मंशा जाहिर करते हुए कह दिया कि भर्ती में धांधली न हो इसके लिए वे खुद प्रयास करेंगे।

67 पदों के लिए 48 हजार आवेदन

सीधी भर्ती के 67 पदों के विपरित 48027 आवेदन आ गए हैं। यह आंकड़ा आवेदन की आखिरी तिथि 6 जनवरी के अनुसार है। अपने स्तर पर विवि ने आवेदनों की स्क्रूटनी भी शुरू कर दी है। प्राप्त आवेदनों की अधिक संख्या के तहत उम्मीदवारों को लिखित व कौशल परीक्षा से होकर गुजरना पड़ेगा।

परीक्षा की जानकारी पत्राचार से

डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर, सहायक ग्रेड-3, वाहन चालक, चतुर्थ श्रेणी व अन्य पदों के लिए अंकों का आधार व प्राथमिकता का पैमाना अलग-अलग होगा। अनुभवियों को विशेष अंक दिए जाएंगे। उम्मीदवार को लिखित व कौशल परीक्षा की जानकारी पत्राचार से दी जाएगी।

विधायक ने भर्ती प्रक्रिया पर जताया एेतराज

सीएसवीटीयू कार्यपरिषद से विधायक का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। वे इसके पहले व्यापमं से भर्ती परीक्षा कराना चाहते हैं ताकि सीधी भर्ती का लाभ कुछ विशेष लोग न उठा पाएं।नेताओं की सिफारिश और नियमों को तोड़मरोड़कर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने की कुचेष्टा भी की जा रही है। सीधी भर्ती की कौशल परीक्षा में भी खेल हो सकता है। नियम ऐसे हैं, कि नए उम्मीदवारों का चांस कम है।

इसलिए प्रक्रिया संदेह के घेरे में

भर्ती परीक्षाओं में हो रही गड़बडिय़ों के चलते काबिल उम्मीदवारों को उनका हक नहीं मिल पाता। कई मामले न्यायालय में भी चल रहे हैं। एेसे में सीधी भर्ती में गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

रिसोर्स नहीं तो एजेंसी से करार करो

विधायक ने कहा है कि विवि के पास भर्ती कराने पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं है। इस स्थिति में आगे चलकर सौ तरह की अड़चनें सामने आएंगी। लोग उंगलियां उठाएंगे। इसलिए सबसे पहले व्यापमं से सलाह ली जाए। विवि ने आवेदन मंगवा लिए है।

आवेदनों को शॉर्टलिस्ट

अब व्यापमं से पूछा जाना चाहिए कि शॉर्ट लिस्ट करने की सही प्रक्रिया क्या हो। अभी तक विवि अपने स्तर पर आवेदनों को शॉर्टलिस्ट कर रहा है। किसी से सलाह लेने की जरूरत भी नहीं समझी। यह भर्ती ऐसी होनी चाहिए जिससे कल कोई चैलेंज न कर पाए।

आज हो सकती है व्यापमं से चर्चा

सीधी भर्ती को लेकर व्यापमं के चेयरमैन एसएस बजाज से शुक्रवार को विश्वविद्यालयीन अधिकारियों की चर्चा हो सकती है। विधायक विद्यारतन भसीन ने बताया कि वे गुरुवार को ही इस मसले पर व्यापमं की राय जानना चाहते थे, लेकिन चेयरमैन राज्य से बाहर है, इसलिए उनके आते ही भर्ती प्रक्रिया व्यापमं के माध्यम से कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा। जब तक इस मसले का हल नहीं निकल जाता विवि अपने स्तर पर आगे की कार्रवाही नहीं करेगा।

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