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स्वच्छ भारत अभियान को लगा पलीता ढह गया छह महीने पहले बना सुलभ

Updated: IST Swacha Bharat Abhiyaan
नगर निगम के वार्ड 25 विवेकानंद नगर के यादव पारा में छह महीने पहले ही निर्मित सार्वजनिक सुलभ शौचालय का चेंबर ढह गया।

भिलाई. नगर निगम के वार्ड 25 विवेकानंद नगर के यादव पारा में छह महीने पहले ही निर्मित सार्वजनिक सुलभ शौचालय का चेंबर ढह गया। गनीमत रही कि सोमवार की देर शाम हुए इस हादसे में कोई चपेट में नहीं आया। चेंबर धसकने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े। देखा कि कोई अंदर तो नहीं है।

इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने सुलभ में ताला लगाया। स्वच्छता रैंकिंग में ज्यादा से ज्यादा अंक बटोरकर झूठी वाहवाही लूटने की पोल अब खुलने लगी है। स्वच्छ भारत के इस अभियान में गुणवत्ता को ताक पर रखकर सार्वजनिक शौचालय बनवाए गए। केंद्रीय टीम को दिखाने आनन-फानन में शुरू भी कर दिए।

जनता को भुगतना पड़ रहा

अब इसका खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। वार्ड 25 के यादव पारा में लगभग 12 लाख रुपए की लागत से 17 सीटर सुलभ शौचालय बनवाया गया है। हालांकि इस सुलभ का निर्माण पांच साल पहले 2012 में शुरू हुआ था, लेकिन बनकर तैयार पांच साल बाद जनवरी 2017 में हुआ। इसके बाद लोगों की सुविधा के लिए शुरू कर दिया गया। छह महीने ही हुए हैं कि सुलभ का चेंबर और सीवरेज पाइप वाला हिस्सा धंसक गया है।

पेटी ठेके पर दिया

ठेकेदार ने पेटी में फिर पेटी ठेकेदार ने राजमिस्त्री को दे दिया ठेका सुलभ शौचायल बनाने का ठेका पर्यावरण समिति ने लिया था। समिति ने यह काम संजय कुमार पांडेय को पेटी ठेके पर दिया। इसके बाद पांडेय राज मिस्त्रियों को निर्माण का ठेका देकर निश्चिंत हो गए। लोगों के मुताबिक निर्माण के दौरान न तो कभी ठेकेदार को देखा और न ही निगम के जिम्मेदार इंजीनियरों को।

लोगों ने विरोध भी किया था मसाला में सीमेंट कम

सुलभ के निर्माण के दौरान आसपास के लोगों ने सामग्रियों की क्वालिटी पर आपत्ति भी जताई थी। बताया कि पीछे ही भैस खटाल है। वही रेत करते थे। गोबर से सने रेत से ही मसाला बनाते थे। उसमें सीमेंट की मात्रा बहुत ही कम रहती थी। तब कहा भी था कि चार इंच दीवार का चेंबर बना रहे हो और सीमेंट भी नहीं है। दीवार कैसे टिकेगी? तब ईंट की जोड़ाई करने वाले मिस्त्रियों ने कह दिया था कि जाओ जहां शिकायत करना है करो। हम जैसा चाहेंगे वैसा बनाएंगे।

पुराना सुलभ 20 साल में भी खराब नहीं हुआ

जिस जगह यह नया सुलभ बनाया गया है वहां पहले साडा कार्यकाल का 22 सीटर सुलभ था। मोहल्ले वालों ने बताया कि 20 साल से पूरी बस्ती उपयोग कर रही थी कभी कोई दिक्कत नहीं आई थी। पुराने सुलभ को तोड़कर नया बनाया तो छह महीने भी नहीं टिका।

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