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थाईलैंड की महिला का अंतिम संस्कार छत्तीसगढ़ में होगा?

Updated: IST Thailand women funeral will be in Chhattisgarh?
वैधानिक प्रक्रिया में उलझी भिलाई के स्पॉ में काम करने वाली महिला की लाश अब शायद ही उसके देश थाईलैंड पहुंच पाए।

भिलाई .वैधानिक प्रक्रिया में उलझी भिलाई के स्पॉ में काम करने वाली महिला की लाश अब शायद ही उसके देश थाईलैंड पहुंच पाए। एयरपोर्ट अथॉॅरिटी की आपत्ति के सात दिन बाद भी कानूनी अड़चन दूर नहीं हो सकी है। इस बीच मृतका के परिवार को शव थाईलैंड तक ले जाने के खर्चे और लंबी-चौड़ी कानूनी प्रक्रिया का हवाला देकर भारत में ही उसका अंतिम संस्कार करने की सलाह दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि इसके लिए परिवार राजी हो जाता है तो स्पॉ संचालक भी सहयोग करने को तैयार हो जाएंगे। इस तरह लाश के साथ सारे विवाद भी अपनेआप खत्म हो जाएंगे।

दूतावास तक मामला पहुंचा

दरअसल पुलिस ने अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पहले ही उसकी मौत को सामान्य मान लिया था। इसके लिए मर्ग कायम करके शव ले जाने की अनुमति भी दे दी थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने शव को विमान से ले जाने की अनुमति देने से इनकार करते हुए दूतावास तक मामला पहुंचा दिया था।

स्पा सेंटर में टूरिस्ट वीजा पर काम

इसकी वजह से मौत के सात दिन बाद भी थाई महिला का शव रायपुर के मेकाहारा में पड़ा है। गुरुवार को आठवां दिन भी गुजर गया। याद रहे कि 5 जनवरी को शाम 6.30 बजे थाईलैंड की महिला रत्तना पोनरम (38) की भिलाई नर्सिंग होम में मौत हो गई थी। वह स्पा सेंटर में टूरिस्ट वीजा पर काम कर रही थी।

एयरपोर्ट में अटकी बात

निजी अस्पताल में मौत के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर विदेशी महिला का शव उसके वतन भेजने के लिए रवाना किया था। मामला एयरपोर्ट में अटक गया, जब एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सक्षम अधिकारियों का क्लीयरेंस मांगा। तब पुलिस हड़बड़ा गई। फिर मामला राज्य मंत्रालय से दूतावास तक पहुंच गया। इसके बाद विदेशी महिला के शव को रायपुर मे काहार के मॉच्र्यूरी में रखा गया।

परिवार की लिखित अनुमति का इंतजार

पुलिस ने 9 जनवरी को सुपेला थाना में थाईं स्पा संगठनों को बुलाकर चर्चा की। पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि उसे ले जाने में खर्च अधिक है। संगठनों ने उसके परिजन से बात भी किया। उन्हें खर्चे से अवगत कराया। पुलिस का मानना है कि संगठन भी खर्च करने के लिए तैयार है। अब बस उसके परिजन का पत्र आ जाए। तो उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा और उसकी अस्थियां थाईलैंड पहुंचा दी जाएंगी।

एेसा हुआ तो पुलिस को मिलेगी बड़ी राहत

इस मामले में पुलिस कठघरे में है। एेसे में परिवार अंतिम संस्कार यहीं करने पर लिखित सहमति दे देता है तो पुलिस के लिए बड़ी राहत मिल जाएगी। पुलिस अफसरों की मानें तो दूतावास को पत्र लिखकर कानूनी अड़चन नहीं होने की सूचना दी जा चुकी है। बहरहाल, दूतावास से वैधानिक प्रक्रिया के मामले में पुलिस की कथित सूचना को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

परिवार से बातचीत की पर स्वीकार नहीं रहे

सूत्रों की मानें तो परिवार से बातचीत हो चुकी है। उनसे लिखित अनुमति भारत तक पहुंचाने को को कहा गया है। पुलिस स्वीकार करती है कि बातचीत हुई, लेकिन इस बारे में अधिकृत तौर पर कुछ नहीं कहना चाहती। अनाधिकृत तौर पर उन लोगों का नाम लिया जा रहा है जिनके साथ महिला काम करती थी। फिलहाल इसे मानवीय आधार पर सहयोग का जामा पहनाकर रास्ता निकाला जा रहा है।

दूतावास की मर्जी के बगैर नहीं जा सकता

प्रभारी डीएसबी आदित्य शर्मा ने बताया कि विदेशी महिला की मामला है। थाई दूतावास से अभी तक अनुमति नहीं मिल सकी है। सब कुछ दूतावास से होता है। इसमें पुलिस का कोई रोल नहीं है। दूतावास के मर्जी के बगैर न तो वहां ले जा सकते है और न ही यहां पर उसकाअंतिम संस्कार कर सकते हैं।

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