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अर्जुन ढाबा हत्याकांड: पुलिस नहीं होती तो हत्या के आरोपियों की जान ले लेती आक्रोशित भीड़

Updated: IST Arjun Dhaba murder case: Police would not mob take
फरार आरोपियों की तलाश करने में रतजगा करने वाली पुलिस को गिरफ्तार चार आरोपियों को अदालत से जेल ले जाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।

दुर्ग. फरार आरोपियों की तलाश करने में रतजगा करने वाली पुलिस को गिरफ्तार चार आरोपियों को अदालत से जेल ले जाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलगांव थाना के आधा दर्जन सिपाही व हवलदार अभिषेक राठी हत्याकांड में गिरफ्तार चार आरोपियों को लेकर न्यायालय पहुंची थी। आरोपी रौनक दुबे, लक्की शर्मा, सौरभ पंडया और जय महानंद को न्यायालय में पेश किया जाना था।

भीड़ उन पर टूट पड़ी

इसके चलते न्यायालय परिसर के सामने दोपहर से भीड़ एकत्र होने लगी थी। गंजपारा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग न्यायालय पहुंचे थे। जैसे ही पुलिस की वेन न्यायालय भवन के सामने रुकी तो लोग आरोपियों के पीछे-पीछे न्यायालय तक जा पहुंचे। जब आरोपियों को जेल ले जाने के लिए न्यायालय से बाहर लाया गया तो भीड़ उन पर टूट पड़ी। हालांकि पुलिस ने एहतियात बरतते हुए आरोपियों को भीड़ में से सुरक्षित निकालकर जेल पहुंचाया।

आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा 28 जनवरी तक

पुलगांव पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार आरोपी रौनक दुबे, लक्की शर्मा, सौरभ पड्या और जय महानंद को न्यायाधीश चेतना ठाकुर के न्यायालय में प्रस्तुत की। न्यायाधीश ने चारो आरोपियों को 28 जनवरी तक के लिए रिमांड में जेल भेज दिया। हालाकि इस प्रकरण में पुलिस ने कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया है।

रात भर जगह-जगह दबिश देती रही पुलिस

चार आरोपियों की गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कड़ी पूछताछ की। घटना की विस्तृत जानकारी लेने के बाद पुलिस ने फरार शाहरुख ईरानी, सोम सोनी, रवि सोनकर व साहिल अशरफी के ठिकानों व घरों पर दबिश दी, लेकिन पुलिस को आरोपियों के बारे में किसी तरह का सुराग नहीं मिला। पुलिस की छापामार कार्रवाई सुबह सात बजे तक चलती रही।

जाने घटना क्रम को

घटना सोमवार व मंगलवार मध्य रात बायपास स्थित अर्जुन ढाबा की है। घटना के समय अभिषेक अपने साथियों के साथ खाना खाने अर्जुन ढाबा पहुंचा था। वहां आरोपी रौनक दुबे, लक्की शर्मा अपने साथियों के साथ पहले से मौजूद थे। इसी बीच रौनक की नजर रायपुर से अपने साथियों के साथ ढाबा आए सिद्धार्थ पर पड़ी। सिद्धार्थ ने रौनक से पांच वर्ष पहले 2500 रुपए लिए थे। दोनों के बीच रुपए को लेकर विवाद होने लगा। दोनों के बीच मारपीट होते देख अभिषेक राठी व अनिकेत बीच बचाव करने पहुंचे।

डॉक्टरों ने अभिषेक को मृत घोषित कर दिया

आरोपी अपने हाथ में पहले से लाठी व डंडे रखे हुए थे। बीच बचाव करते समय जय महानंद ने हाथ में रखे चाकू से पहले अभिषेक के सीने में वार किया। इसके बाद अनिकेत के पीठ में वार कर भाग खड़े हुए। गंभीर रूप से घायल अभिषेक और अनिकेत को उनके दोस्त पहले जिला अस्पताल फिर चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने अभिषेक को मृत घोषित कर दिया।

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