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चप्पल पहनकर पैकिंग हाउस में मजदूर क्या घुसा अधिकारियों ने कर दी जमकर पिटाई, पढि़ए पूरी खबर

Updated: IST Devbhoga Milk Plant, Milk packing, dairy products,
छत्तीसगढ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ उरला में मजदूरों और अधिकारियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। मजदूरों ने प्रबंधन के अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाया है।

भिलाई. छत्तीसगढ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ उरला में मजदूरों और अधिकारियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। मजदूरों ने प्रबंधन के अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। बीच-बचाव करने वाली महिलाओं के साथ मारपीट की कुम्हारी थाने में शिकायत की है। वहीं प्रबंधन का कहना है कि दो यूनियन के मजदूरों के बीच विवाद हुई है। घटना से नाराज मजदूरों ने काम बंद कर हड़ताल पर चले जाने से मंगलवार को सात घंटे दुग्ध संयंत्र बंद रहा। इसके कारण दूध की पैकिंग सहित अन्य कार्य प्रभावित हो गया है।

जल्दबाजी में चप्पल पहनकर पैकिंग हाउस में घुस गया

पीडि़त हेमेंद्र धु्रव का कहना है कि घी को पीपे (टिन) में डालने के बाद कैप लगा रहा था, लेकिन कैप लगाते समय पीपे में फंस गया। उसे निकालने का औंजार लेने के लिए जल्दबाजी में चप्पल पहनकर प्रतिबंधित पैकिंग हाउस में घुस गया। यह बात क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर शैलेष मिश्रा को नागवार गुजरी। उन्होंने हाथ पकड़कर पैकिंग हाउस से गाली-गलौच करते हुए बाहर निकाला। इस गलती के लिए माफी भी मांगी, लेकिन उन्होंने मारपीट कर दी।

बचाव करने आई महिला और पुरुष कर्मचारियों के साथ भी मारपीट

मारपीट की जानकारी छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध मर्यादित महासंघ कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों को दी, तो वह और भड़क गए। प्रशासनिक अधिकारी मुकुंद तायल, क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर शैलेष मिश्रा और संविलियन अधिकारी एनके जैन एक साथ आएं। फिर से मारपीट की। वहीं बीच बचाव करने आई महिला और पुरुष कर्मचारियों के साथ भी मारपीट करते रहे। विवाद में अधिकारी कर्मचारियों और मजदूरों के कपड़े भी फट गए हैं।

सात घंटे बंद रहा प्लांट

उरला का देवभोग दुग्ध संयंत्र में मजूदर तीन शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। मंगलवार को दोपहर सुबह 9 बजे की शिफ्ट में 70 मजदूर ड्यूटी पर थे। दोपहर 12 बजे मारपीट की घटना के बाद सभी मजदूर कर काम बंद कर बाहर आ गए। प्रबंधन ने मजदूरों को काम पर लौटने का आग्रह भी किया। लेकिन वह शाम 7 बजे तक नहीं लौटे थे।

प्रतिदिन 24 हजार लीटर दूध की पैकिंग

बता दें कि उरला स्थित देवभोग दुग्ध संयंत्र में प्रतिदिन सुबह व शाम को 24 हजार लीटर दूध की पैकिंग होती है। इसके अलावा यहां पनीर, श्रीखंड, पेड़ा, घी एवं अन्य डेयरी पोडक्ट तैयार किया जाता है। जो हड़ताल की वजह से प्रभावित हुई है।

पहले हो चुकी है घटना

छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू का कहना है कि इससे पहले भी यहां मजदूरों के साथ मारपीट की घटना हो चुकी है। पीडि़तों ने छत्तीसगढ़ दुग्ध निगम कर्मचारी संघ से शिकायत की, लेकिन यूनियन नेताओं ने मजदूरों का साथ नहीं दिया। इसलिए मजदूरों ने अपना अलग छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित कर्मचारी यूनियन बनाया। जिसमें 197 मजदूर सदस्य है। नई यूनियन के गठन को लेकर अधिकारी मजदूरों को बात-बात पर काम से निकाल देने की धमकी देते हैं।

कर्मचारी यूनियन के बीच आपस में विवाद

डीजीएम मुकंद तायल ने बताया कि कर्मचारी यूनियन के लोगों के बीच आपस में विवाद हुई है। मैंने दोनों पक्षों को समझाइश देकर काम करने कहा। लेकिन वे नहीं मानें और हड़ताल पर चले गए। मिल्क पैकिंग का काम चल रहा है।

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