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Chitfund Company: जेल में बंद धोखाधड़ी के आरोपी को फोरम ने नहीं दी जमानत

Updated: IST Jailed accused of fraud did not bail Forum
जिला उपभोक्ता फोरम ने जेल में निरुद्ध आस्था डेवलपर्स के डायरेक्टर का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।

दुर्ग. जिला उपभोक्ता फोरम ने जेल में निरुद्ध आस्था डेवलपर्स के डायरेक्टर का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया। शांति नगर भिलाई निवासी साबिर अली व शिव मंदिर कॉलोनी वैशाली नगर निवासी मनीष राव सोलंके ने फोरम से यह कहते हुए जमानत मांगी थी कि जेल से बाहर आते ही वे निवेश करने वालों का रुपए लौटा देंगे। लेकिन फोरम ने अपने संसाधनों का प्रयोग करते हुए राशि जमा करने का निर्देश दिया।

निवेशकों की संपत्ति सुरक्षित

आस्था डेवलपर्स का कहना था कि नोट बंदी के कारण व्यवस्था गड़बड़ा गई है। निवेशकों की संपत्ति सुरक्षित है। अगर उनकी संपत्ति को बेची जाए तो सभी निवेशकों को आसानी से राशि लौटाई जा सकती है। वे सभी निवेशकों की संपत्ति लौटाने तैयार है। इस कार्य के लिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए, लेकिन जिला उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष मैत्रीय माथुर व सदस्य राजेन्द्र पाध्ये ने आरोपी आस्था डेव्लपर्स के डायरेक्टर का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।

झांसा देकर करोड़ों रुपए का वारा न्यारा

प्रकरण के मुताबिक फ्लैट व स्वतंत्र मकान दिलाने के नाम पर आस्था डेवलपर्स के डायरेक्टर ने 50 से भी अधिक लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपए का वारा न्यारा किया है। रुपए देने के बाद भी मकान व जमीन नहीं मिलने पर पीडि़तों ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत किया था। आठ प्रकरणों में फोरम ने कुल 85 लाख 47 हाजर रुपए ब्याज के साथ देने का फैसला सुनाया है, लेकिन डायरेक्टर न तो राशि जमा की और न ही फोरम में उपस्थित हुए थे।

फोरम की अवहेलना में जेल

इसलिए जिला उपभोक्ता फोरम ने दोनों डायरेक्टर्स को फोरम की अवहेलना करने के आरोप में जेल भेज दिया। साथ ही निर्देश दिया है कि एक माह के भीतर आठ प्रकरणों में पारित राशि को जमा करें। फोरम के इस फैसले के बाद आरोपियों ने अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया था।

फोरम के संमंस लेने से बचते रहे, पुलिस ने दबोचा तो पहुंचे जेल

जिला उपभोक्ता राशि जमा करने के बाद भी फ्लैट व स्वतंत्र मकान उपलब्ध नहीं कराने के आठ प्रकरणों में अनावेदक आस्था डेवलपर्स को दोषी ठहराया था। राशि जमा नहीं करने पर फोरम के संमंस लेने में टालमटोल कर रहे थे। आरोपियों के इस हरकत के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। तब भी वे पकड़ में नहीं आए। इसी बीच सुपेला थाना के दर्ज अपराध में गिरफ्तारी होने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने प्रोटक्शन वारंट जारी कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।

डायरेक्टर धोखाधड़ी के आरोप में गए जेल

आस्था डेववपर्स के डायरेक्टर ने सहयोग बचत एवं साख सहकारी समिति मर्यादित कोहका का गठन किया था। इस समिति के माध्यम से हितग्राहियों को कम समय में अधिक ब्याज देने का लालच देकर निवेश कराते थे। कई हितग्राहियों ने जीवन भर की कमाई निवेश कर दी। जब हितग्राहियों ने अपना पैसा मांगना शुरू किया तो डायरेक्टर ने निवेशकों को जमीन व फ्लैट देने का आश्वासन दिया।

निवेशकों ने थाने में एफआईआर कराई

धोखाधड़ी का शिकार हो जाने पर निवेशकों ने सुपेला थाने में एफआईआर कराई। पुलिस ने शिकायत आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले एक डायरेक्टर सेक्टर पांच भिलाई निवासी एजाज नियाजी 47 साल जिला निर्वाचन शाखा में पदस्थ है। पुलिस उसे फरार बता रही है।

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