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ट्रेन हाईजेक मामला: किसान ने आरोपी प्रीतम को देखते ही पहचान लिया

Updated: IST Train hijack case: the farmer recognizes accused P
ट्रेन हाईजेक कर गैंगस्टर कबरा को छुड़ाने के मामले मेंं मंगलवार को गवाही सुनवाई शुरू हुई। न्यायालय में खड़े आरोपी को देखते ही गवाह ने पहचान लिया।

दुर्ग. ट्रेन हाईजेक कर गैंगस्टर उपेन्द्र सिंह उर्फ कबरा को छुड़ाने के मामले मेंं मंगलवार को गवाही सुनवाई शुरू हुई। अतरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय में खड़े आरोपी प्रीतम उर्फ राजेश को देखते ही गवाह किसान विजय कुमार धुरंधर ने पहचान लिया। उसने न्यायालय को बताया कि पुलिस ने जब कट्टा जब्त किया तो आरोपी वहां मौजूद था।

गवाह अपने बयान से नहीं मुकरा

ग्राम खम्हरिया पाटन निवासी किसान विजय कुमार धुरंधर ने न्यायालय को बताया कि पुलिस ने एक कट्टा जब्त किया था। कट्टा ग्राम खम्हरिया खार स्थित दुकालू गोड़ के खेत में लगे कौहा पेड़ के निकट गड्ढे में पड़ा था। जिस जगह कट्टा को छिपाकर रखा था उस जगह को कटघरे में खड़े आरोपी ने बताया। इसके बाद पुलिस ने काफी देर तक आसपास के जगह की तलाशी ली। कट्टा मिलने पर उसे पुलिस ने एक पालीथीन में पेक किया। यह सब उसके सामने ही हुआ। गवाह के बयान होने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाह से सवाल जवाब भी किया, लेकिन गवाह अपने बयान से नहीं मुकरा।

57 गवाहो की सूची

अपराध को साबित करने विशेष लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद शर्मा ने 57 गवाहों की सूची न्यायालय में प्रस्तुत किया है। 27 गवाहों का बयान भी दर्जकिया जा चुका है। प्रकरण का ट्रायल अब 22 अक्टूबर को होगा।

ट्रेन हाईजेक का मास्टरमाइंड

गंैगस्टर उपेन्द्र सिंह उर्फ कबरा का भगाने के लिए ट्रेन हाई जेक करने योजना बनाने में गैगस्टर का पुत्र राजेश सिंह उर्फ प्रीतम की मुख्य भूमिका थी। वह अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम देने दुर्ग आया था। घटना को अंजाम देने के बाद प्रीतम ने कट्टा को खम्हरिया खार में पेक दिया था। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने जब कट्टा जब्त किया तो गवाह विजय कुमार धुरंधर को जब्ती गवाह बनाया गया था।

यह है मामला

अपहरण कर फिरौती की मांग जैसे गंभीर घटना में सजा काट रहे उपेन्द्र सिंह के ऊपर जेल ब्रेक कर फरार होने का प्रकरण भी दर्ज है। इसी प्रकरण की गवाही सुनवाई के लिए छह फरवरी 2013 को रायपुर केन्द्रीय कारागार से आरोपी को विशेष अदालत में दुर्ग लाया गया था। अभिरक्षा में तैनात पुलिस आरोपी को जनशताब्दी ट्रेन से वापिस दुर्ग लेकर जा रही थी। इसी बीच गैंगस्टर के पुत्र ने अपने अन्य साथियों के साथ एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजेक कर कु?हारी के निकट से फरार हो गए। हाईजेक करने के लिए आरोपियों ने मिर्च पाउडर, हथियार व रस्सी का इस्तेमाल किया था। ट्रेन को भिलाई तीन से हाईजेक किया गया था। आरोपी कुम्हारी शिवनाथ नदी के कि नारे उतरकर भागे थे।

नौ आरोपी थे उपस्थित

ट्रेन हाई जेक के मामले में पुलिस ने गया बिहार समेत भिलाई, बिलासपुर के कुल ग्यारह लोगों को आरोपी बनाया है। इसमें से गया बिहार के सूरज सिंह व राहूल सिंह अभी भी फरार है। वहीं आरोपी राजेश सिंह उर्फ प्रीतम, उपेन्द्र काबरा, अनिल सिंह, उपेन्द्र सिंह उर्फ छोटा, संजीव सिंह, रिंकू उर्फ वरुण सिंह बिलासपुर निवासी राजकुमार उर्फ चुन्नू कश्यप, भिलाई के शंकर साह व सुरेश कुमार उर्फ पप्पू यादव को गवाही सुनवाईमें जेल से जिला न्यायालय लाया गया था।

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