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ब्याज दर बढऩे के संकेत, लोन होगा महंगा

Updated: IST Reserve bank of india
सस्ते कर्ज का लाभ ले रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। आने वाले महीनों में अपनी मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक रेपो रेट में इजाफा कर सकता है। ऐसा होने पर होम लोन, पर्सनल लोन, वाहन लोन समेत सभी बैंक लोन महंगे हो जाएंगे, जो इस समय ६ साल के निचले स्तर पर चल रहे हैं।

नई दिल्ली. सस्ते कर्ज का लाभ ले रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। आने वाले महीनों में अपनी मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक रेपो रेट में इजाफा कर सकता है। ऐसा होने पर होम लोन, पर्सनल लोन, वाहन लोन समेत सभी बैंक लोन महंगे हो जाएंगे, जो इस समय ६ साल के निचले स्तर पर चल रहे हैं। रिजर्व बैंक की इस महीने हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक के ब्योरे से इस बात के साफ संकेत मिले हैं। जापान की वित्तीय सेवा कंपनी नोमुरा की मानें तो केंद्रीय बैंक अगले साल नीतिगत दरों में वृद्धि करेगा और यह वृद्धि ५० बेसिस प्वाइंट यानी आधा फीसदी तक हो सकती है।

नोमुरा के अनुसार आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के सभी सदस्यों ने मूल मुद्रास्फीति को लेकर चिंता जताई। सभी सदस्य इस बात पर एकमत थे कि नोटबंदी के कारण महंगाई दर में जो कमी आई है, वह अस्थायी साबित हो रही है और आने वाले दिनों में महंगाई की मार तेज हो सकती है। मौद्रिक नीति समिति के ६ सदस्यों में से दो ने तो अप्रेल की मौद्रिक नीति समीक्षा में ही रेपो रेट बढ़ाने की दलील दी थी, लेकिन बाजार के सेंटिमेंट का ख्याल रखते हुए अन्य सदस्य इसे वर्तमान दर पर बनाए रखने के पक्ष में थे। बैठक के ब्योरे को गुरुवार को सार्वजनिक किया गया।

२०१८ में बढ़ेगी ब्याज दर
नोमुरा ने एक शोध रिपोर्ट में कहा है कि बहुसंख्यक एमपीसी सदस्यों ने मुद्रास्फीति में वृद्धि के जोखिम की बात स्वीकारी है। शोध के मुताबिक अब 2018 में रेपो में 0.50 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है। इससे सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे। रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने छह अप्रैल को द्विमासिक मौद्रक नीति समीक्षा में रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया।

६ फीसदी जा सकती है महंगाई दर

नोमुरा का मानना है कि दूसरी तिमाही में भले ही मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर नरम बनी रहेगी, लेकिन 2017 की चौथी तिमाही 2018 की पहली छमाही में उत्पादन अंतर कम होने, ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी बढऩे तथा प्रतिकुल तुलनात्मक आधार जैसे कारणों से यह 5.5 से 6 प्रतिशत हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार इसीलिए नोमुरा ने आरबीआई नीति के मामले में अपने रुख में बदलाव किया है और अब 2018 में कुल मिलाकर 0.50 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया है। इसमें 0.25 फीसदी का इजाफा 2018 की दूसरी तिमाही तथा 0.25 प्रतिशत तीसरी तिमाही में होगी।

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