Patrika Hindi News

स्वीडन ने बंद की असांजे के खिलाफ रेप के आरोपों की जांच 

Updated: IST julian assanje
स्वीडन के अभियोजक ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ जारी एक रेप की जांच बंद कर दी है। असांजे के खिलाफ यह जांच 7 साल से चल रही थी।

नई दिल्ली: स्वीडन के अभियोजक ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ जारी एक रेप की जांच बंद कर दी है। असांजे के खिलाफ यह जांच 7 साल से चल रही थी। एक बयान में लोक अभियोजन के निदेशक मैरियन नी ने कहा कि उन्होंने रेप की संदिग्धता के आधार पर जांच को आगे जारी नहीं रखने का फैसला किया है।

लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में रहने के दौरान लगा था यौन अपराध का आरोप
2012 में विकिलीक्स के संस्थापक जब लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में शरणार्थी थे तब दो महिलाओं ने उन पर यौन अपराध के आरोप लगाए थे। तब से असांजे को अपनी गिरफ्तारी और अमरीका को प्रत्यर्पित किए जाने का डर है।

ब्रिटेन द्वारा अमरीका से प्रत्यर्पण वारंट प्राप्त करने पर संशय
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले महीने कह चुके हैं कि वे जूलियन असांजे पर न्याय विभाग के आरोप का समर्थन करेंगे। स्वीडन की घोषणा के बाद विकिलीक्स ने ट्वीट किया कि यूके ने इस बात की पुष्टि करने से मना कर दिया है कि उसने अमरीका से जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण का वारंट पहले से ही प्राप्त कर लिया है। अब सबका ध्यान इस बात पर है कि ब्रिटेन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है।

ब्रिटेन पुलिस के अनुसार असांजे को अब भी जमानत की जरूरत
स्वीडन की घोषणा के अनुसार असांजे के खिलाफ स्वीडन में कोई जांच लंबित नहीं है। इस बीच ब्रिटेन पुलिस का कहना है कि असांजे को ब्रिटेन में आज भी जमानत की जरूरत है अगर वे इक्वाडोर के दूतावास से बाहर निकलते हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्या था मामला
असांजे स्वीडन में एक रेप के आरोप में वांछित थे, जो उन पर 2010 के दौरे के समय लगा था। असांजे के वकील ने स्वीडिश रेडियो से कहा कि स्वीडन लोक अभियोजन का निर्णय पूरी तरह से असांजे की जीत है और अब वह जब चाहे तब दूतावास छोड़ने के लिए स्वतंत्र है। इस फैसले से असांजे को बहुत राहत मिली है और अब वह बहुत खुश हैं।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???