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आज बन रहे हैं ये शुभ-अशुभ योग, ऐसे लाभ उठाएं

Updated: IST aaj ki kundli
अष्टमी जया संज्ञक तिथि अंतरात्रि 4.07 तक, तदुपरान्त नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि है

अष्टमी जया संज्ञक तिथि अंतरात्रि 4.07 तक, तदुपरान्त नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि है। अष्टमी तिथि में नाचना, गाना, मनोरंजन के कार्य, रत्न, अलंकार, शस्त्रधारण, वास्तुकर्म, प्रतिष्ठा, विवाहादि मांगलिक कार्य शुभ कहे गए हैं। नवमी तिथि में विग्रह, कलह, जुआ, मद्य, आखेट और अग्निविषादिक असद् कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं।

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नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा 'ध्रुव व ऊर्ध्वमुख' संज्ञक नक्षत्र रात्रि 12.20 तक, तदुपरान्त श्रवण 'चर व ऊर्ध्वमुख' संज्ञक नक्षत्र है। उत्तराषाढ़ा व श्रवण नक्षत्रों में यथाआवश्यक विवाहादि मांगलिक कार्यों सहित देवस्थापन, विभूषित करना, विपणि-व्यापारारम्भ, वास्तु और पुष्टता सम्बंधी कार्य करने योग्य हैं।

योग: सिद्ध नामक योग दोपहर बाद 1.52 तक, तदन्तर साध्य नामक योग है। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं।

करण: बालव नामकरण अपराह्न 3.22 तक, तदन्तर कौलवादिकरण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी सन् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : बसन्त

मास : वैशाख। पक्ष - कृष्ण।

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शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में विवाह, गृहप्रवेश, गृहारम्भ, देवप्रतिष्ठा, विपणि-व्यापार आरम्भ, द्विरागमन, वधू-प्रवेश, कूपारम्भ व हलप्रवहण आदि के शुभ मुहूर्त हैं। विवाह श्रवण में (राहुवेध दोषयुक्त)।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 9.15 तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न 10.50 से दोपहर 12.26 तक शुभ तथा अपराह्न 3.37 से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहूर्त शुभ कार्यों में वर्जित बताया गया है।

व्रतोत्सव: आज बूढ़ा बास्योड़ा (ठण्डा भोजन करना चाहिए), शीतलाष्टमी व कालाष्टमी है। ग्रह राशि परिवर्तन: अंतरात्रि 2.57 पर सूर्यदेव सायन वृष में प्रवेश करेंगे। यहां से ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ हो जाएगी। दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि मकर राशि में रहेगा। राहुकाल: दोपहर 12.00 से दोपहर बाद 1.30 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (भो,ज,जी,खि) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि मकर तथा पाया ताम्रपाद से है। सामान्यत: ये जातक धर्मात्मा, दानी, सत्यप्रिय, गुणवान, पराक्रमी, विद्यावान, धनवान, होशियार, चतुर, बहादुर, परोपकारी और सर्वप्रिय होते हैं। कोई-कोई जातक अपने पूर्व कर्मानुसार सट्टेबाजी, तस्करी आदि के कार्यों में लिप्त हो जाता है। इनका भाग्योदय लगभग 31वें वर्ष तक हो जाता है। मकर राशि वाले जातकों के आज भूमि-भवन सम्बंधी कार्य, विपणि-व्यापार आरम्भ। कोई नई फर्म का गठन भी हो सकता है।

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